-आदिवासियों ने निकाली रैली
– भूमिहीन आदिवासी कर रहे हैं सरकार से जमीन की मांग
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी जिले के आदिवासी इस समय शिवराज सरकार से नाराज हैं। इन आदिवासियों ने मंगलवार को रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय के पास धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। इससे पहले इन आदिवासियों ने एकता परिषद के बैनर तले एक रैली निकाली और शिवराज सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
एकता परिषद के द्वारा बीते 12 फरवरी से भूमि जागरूकता अधिकार पदयात्रा निकाली गई यह पदयात्रा मंगलवार को शिवपुरी पहुंची और यहां पर कलेक्टर कार्यालय के पास एकत्रित होकर एक ज्ञापन सौंपा गया। आदिवासियों की मांग है कि वन भूमि अधिकार कानून का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उनके पास कोई जमीन नहीं है। कागजों में ही भूमि के पट्टे दिए गए लेकिन उनके पास वास्तव में जमीन नहीं है।
नाराज सहरिया आदिवासियों ने निकाली पदयात्रा-
बीते 12 फरवरी से शुरू की गई एकता परिषद की वन भूमि जागरूकता अधिकार पदयात्रा शिवपुरी पहुंची जिसमें बड़ी संख्या में सहरिया आदिवासी लोग मौजूद रहे। बीते दिनों से एकता परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा गांव गांव में चौपाल लगाकर जन समस्याओं का संकलन किया गया। जिसमें वन भूमि मान्यता अधिकार अधिनियम का नियमानुसार सरकार ने पालन नहीं कराया। इसी प्रकार आदिवासियों की वर्ष 2003 के पट्टों का भूमि का सीमांकन नहीं किया गया और ना ही उन्हें मौका कब्जा दिया गया। राजस्व विभाग द्वारा वर्ष 2003 में जो पट्टे दिए गए थे उनका कई ग्रामों में तो सरकारी रिकॉर्ड में अमल भी नहीं हुआ है। एकता परिषद के कार्यकर्ता ज्योति आदिवासी और चतुर सिंह आदिवासी ने गांव गांव की ग्राम चौपालों में चर्चा की और उनकी शिकायतें एकत्रित की।
विधानसभा चुनाव में भारी पड़ सकती है नाराजगी-
वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव हैं और सहरिया आदिवासियों की नाराजगी भाजपा की शिवराज सरकार को भारी पड़ सकती है। बताया जाता है कि जिले की पांच विधानसभा सीटों में तीन सीटों पर बड़ी संख्या में सहरिया आदिवासी वोट है। इन सहरिया आदिवासियों का कहना है कि उन्हें पूर्व के वर्षों में केवल कागजों में ही भूमि की पट्टे दिए गए। आज भी कई सहरिया आदिवासी परिवार भूमिहीन हैं। इसके अलावा कई दबंग लोगों ने उनकी भूमि पर कब्जा कर लिया है। शिकायत के बाद भी राजस्व अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं। इसके अलावा वन अधिकार अधिनियम का उन्हें कोई फायदा नहीं दिया जा रहा है।