Let’s travel together.

वीरपुर की क्षतिग्रस्त शाला भवन से छात्रों – शिक्षकों की जान को खतरा, नवनिर्माण की दरकार 

0 13

शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन

ग्राम वीरपुर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के क्षतिग्रस्त भवन को लेकर छात्रों एवं पलकों सहित शिक्षकों में भय व्यप्त है कि इस वर्ष वर्षा ऋतु में कहीं भवन में अनहोनी ना हो जाए।

भवन बाहर से तो अच्छा दिखता है लेकिन अंदर से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। छत में जगह -जगह दरारें पड़ गई है और छत का लोहा सड़कर राडे बाहर आकर लटक रही है और इन्ही दरारों से बहुत ज्यादा पानी टपक रहा है, जिससे कक्षाओं में पानी -पानी हो जाने से नीचे फर्श पर टाटपट्टी पर बैठकर पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बैठने में परेशानी हो रही है।

 

गिलन एवं सीलन होने के कारण विद्यार्थी नहीं बैठ पा रहे है।छात्रों एवं अभिभावकों का आरोप है कि शासन -प्रशासन , शिक्षा विभाग एवं ग्राम पंचायत की अनदेखी से क्षेत्र के सैकड़ों छात्रों के भविष्य पर अंधकारमय होने का खतरा मंडरा रहा है।

जर्जर शाला भवन को लेकर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मुन्ना लाल गायकी द्वारा बीआरसी , बीईओ एवं सरपंच को पत्र लिखकर विद्यालय के क्षतिग्रस्त भवन के संबंध में आशंका व्यक्त करते हुए कि वर्षों पुराना विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त हो गया है।

भवन की छत से जगह-जगह पानी टपकने के कारण कक्षाओं में पानी ही पानी भर जाता है। जिसके कारण छात्रों एवं शिक्षकों को बैठाने में सुविधा हो रही है। उसकी मरम्मत कराई जाए अन्यथा अन्यंत्र व्यवस्था की जाएं।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि वर्षों पुराने भवन में इस वर्ष वर्षा ऋतु में भवन में कहीं अनहोनी बनकर कोई गंभीर घटना ना हो जाए । इसलिए समय रहते क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत कराया जाना आवश्यक है , अथवा अन्य कहीं विद्यालय शुरू कराया जाए ताकि छात्रों एवं शिक्षकों की सुरक्षा हो सके।

वर्तमान में प्राथमिक शाला में कक्षा पहली से पांचवी तक 50 एवं माध्यमिक में कक्षा 6 वी से 8 वी तक 90 विद्यार्थियों के नाम दर्ज है ओर हाल ही में स्कूल खुलने से संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

इस संबंध में बीआरसी अर्जुन सिंह सिसोदिया का कहना है कि उन्होंने प्रधानाध्यापक को बोल दिया है कि अभी मरम्मत का बजट नहीं आ रहा है तो नीचे जो अतिरिक्त कक्षाओं के लिए दो कमरों का निर्माण हुआ है , उनमें शाला संचालित करें।

प्रभारी प्रधानाध्यापक मुन्ना लाल गायकी का कहना है कि स्कूल में मात्र दो शिक्षक एक स्वंय तो दूसरे प्राथमिक शिक्षक संतोष शिल्पकार है जबकि दोनों सेक्शन में छात्र 140 है। लेकिन छत से लगातार पानी टपकने से छात्रों को भारी असुविधा हो रही है। करीब 8 साल पहले बहुत नीचे बने दोनों अतिरिक्त कक्ष भी इस समय खंडर के समान है। जिसमें बाथरूम भी नहीं है।

फिलहाल भवन के दो कक्ष में प्राइमरी ओर एक जनशिक्षक केंद्र वाले कक्ष में मिडिल सेक्शन लगाने की व्यवस्था कर रहे है ताकि छात्रों का नुकसान ना हो सके। इस समय नवीन शाला भवन का निर्माण होना नितांत आवश्यक है। अन्यथा अगले वर्ष तो ओर ज्यादा व्यवस्था चरमरा जाएगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

शिक्षिका से छेड़छाड़ वाले प्रधानपाठक को पुलिस ने भेजा जेल लेकिन विभागीय कार्यवाही अब तक नहीं     |     गढ़ी में निःशुल्क हृदय रोग शिविर में उमड़ी भीड़, 100 से अधिक मरीजों की हुई जांच     |     वीरपुर की क्षतिग्रस्त शाला भवन से छात्रों – शिक्षकों की जान को खतरा, नवनिर्माण की दरकार      |     फिर फिसली यात्री बस ,बाल – बाल बचे 40 यात्री,कुछ को मामूली चोटें     |     वीरपुर का यात्री प्रतीक्षालय जेसीबी ने तोड़ा     |     खिरीया नारायणदास टेकरी में किराना दुकान में भीषण आग, छह लाख का सामान जलकर खाक     |     मंडीदीप पुलिस की बड़ी कामयाबी,दो अपहृता नाबालिक बालिकाओं सकुशल किया बरामद     |     चित्रकूट धार्मिक स्थल के साथ ही नवाचारों का केन्द्र-राजेन्द्र शुक्ल     |     मप्र शिक्षक संघ का तीन दिवसीय प्रांतीय अभ्यास वर्ग संपन्न     |     जून समाप्ति पर भी सूखी नदियां, थमी धान की रोपाई     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811