दिव्यांगता और एक्सीडेंटल केस में फिजियोथैरेपी कारगर, विशेषज्ञों ने दी जानकारी
सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. दयाल राज सिंह राजपूत ने बताया फिजियोथैरेपी का महत्व
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
मंगलम परिसर में स्थित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र डीआरसी में मंगलवार को विश्व फिजियोथैरेपी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर केंद्र में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को फिजियोथैरेपी के महत्व और इसके माध्यम से होने वाले उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि किस प्रकार विभिन्न बीमारियों, दिव्यांगता और एक्सीडेंटल मामलों में फिजियोथैरेपी के माध्यम से मरीजों को राहत दी जा सकती है। विशेषज्ञों ने कहा कि नियमित फिजियोथैरेपी से मांसपेशियों की कमजोरी, जोड़ों के दर्द, लकवा और दुर्घटना के बाद होने वाली शारीरिक समस्याओं में काफी सुधार होता है।
इस मौके पर डीआरसी केंद्र के सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. दयाल सिंह राजपूत ने फिजियोथैरेपी दिवस के इतिहास और वर्तमान में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दवाओं के साथ-साथ फिजियोथैरेपी भी उपचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे मरीज जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकता है।
कार्यक्रम में डीआरसी केंद्र के विकास शर्मा, ऑडियोलॉजिस्ट रणजीत सिंह, विकास जायसवाल, संजीव कुमार भार्गव, संजय कंसोटिया, रामेश्वर दयाल शर्मा, जगदीश जाटव, निसार खान सहित स्टाफ और बड़ी संख्या में मरीज उपस्थित रहे।