सुरेन्द्र जैन धरसीवां रायपुर
सिलयारी क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ हुए जघन्य अपराध के मामले में भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका लगातार सवालों के घेरे में रही है। पूरे प्रकरण में न्याय दिलाने की मांग कर रहे लोगों के ऊपर कार्रवाई कर वास्तविक दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। यह बात कांग्रेस नेता भावेश बघेल ने कही।
भावेश बघेल ने कहा कि दो दिन पूर्व भाजपा मंडल मंत्री चंद्रशेखर यदु की गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद भाजपा सरकार और पुलिस विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर हुई। मामले में पुलिस की भूमिका संदेहास्पद रही है और प्रारंभिक स्तर पर शिकायत मिलने के बावजूद समय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। अपनी इस लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए केवल संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित कर खानापूर्ति कर दी गई, जबकि परिस्थितियां स्पष्ट रूप से बताती हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की गलती और भाजपा नेताओं की संलिप्तता सामने आने के बाद सरकार की किरकिरी हो रही है। इसी बौखलाहट में अब उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है जिन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया। एक ऐसे पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई की गई जिसने पूरे मामले को सामने लाने, पीड़ित परिवार की आवाज प्रशासन तक पहुंचाने और न्याय की मांग को मजबूती देने का कार्य किया। इसके साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ता सूरज सिंह ठाकुर के खिलाफ भी द्वेषपूर्ण कार्रवाई की गई, जबकि उन्होंने लगातार पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर न्याय की लड़ाई लड़ी और दोषियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भावेश बघेल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने अपराध के खिलाफ आवाज उठाई, उन्हें ही प्रताड़ित किया जा रहा है। यदि कांग्रेस कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार और स्थानीय नागरिक इस मामले में संघर्ष नहीं करते तो संभवतः दोषियों की गिरफ्तारी भी नहीं हो पाती। आज दोषियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का श्रेय उन लोगों को जाता है जिन्होंने लगातार जनदबाव बनाया और पीड़िता के पक्ष में खड़े रहे।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूरे मामले में अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है। सरकार को यह समझना चाहिए कि न्याय की मांग करना कोई अपराध नहीं है। जो लोग पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहे, उन्हें प्रताड़ित करने के बजाय पुलिस विभाग की लापरवाही और दोषियों को संरक्षण देने वालों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
भावेश बघेल ने मांग की कि सिलयारी प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, पुलिस विभाग की भूमिका की भी जांच हो तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही पत्रकार और कांग्रेस कार्यकर्ता के खिलाफ की गई द्वेषपूर्ण कार्रवाई को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़िता को न्याय दिलाने और सच को सामने लाने की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रखेगी तथा किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव से डरने वाली नहीं है।