बंडा जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस में बड़ा एक्शन, 40 पुलिसकर्मी पुलिस लाइन भेजे गए
सागर। जिले के बहुचर्चित बंडा जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली तीन पुलिस चौकियों में पदस्थ करीब 40 पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेजने के आदेश जारी किए हैं। इनमें एसआई, एएसआई, प्रधान आरक्षक, हवलदार और आरक्षक स्तर के कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं।
कार्रवाई के साथ ही तीनों स्थानों पर नए पुलिसकर्मियों की पदस्थापना की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक बंडा थाने और उससे जुड़ी चौकियों के बड़े हिस्से के मैदानी अमले में बदलाव किया गया है।
टीआई आनंद सिंह को रखा गया यथावत
इस बड़े फेरबदल में बंडा थाना प्रभारी आनंद सिंह को फिलहाल यथावत रखा गया है। आनंद सिंह को करीब चार दिन पहले ही बंडा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इससे पहले बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा को हटाया गया था और आनंद सिंह को नया थाना प्रभारी बनाया गया था।
अब थाना प्रभारी को छोड़कर थाने और संबंधित चौकियों के मैदानी स्टाफ में व्यापक बदलाव किया गया है। नई पदस्थापना के बाद पुलिसिंग व्यवस्था को नए सिरे से संचालित करने की तैयारी है।

जहरीली शराब कांड के बाद लगातार कार्रवाई
बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के बाद से ही पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले बंडा थाना प्रभारी और एक चौकी प्रभारी को निलंबित किए जाने की कार्रवाई भी सामने आई थी। इसके बाद बंडा एसडीओपी और एसडीएम को भी उनके पद से हटाया गया था।
पुलिस ने मामले में अवैध शराब के नेटवर्क की जांच करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में नकली शराब के नेटवर्क से जुड़े लोगों के सामने आने की बात भी पुलिस कार्रवाई से संबंधित रिपोर्टों में कही गई है।
पुलिस महकमे में बढ़ी हलचल
बंडा थाना क्षेत्र में एक साथ इतने बड़े स्तर पर पुलिसकर्मियों के बदलाव से जिले के पुलिस महकमे में भी चर्चा तेज हो गई है। कार्रवाई को बंडा क्षेत्र में पुलिसिंग व्यवस्था की समीक्षा और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, किसी पुलिसकर्मी को इस फेरबदल के आधार पर जहरीली शराब कांड में दोषी मानना उचित नहीं होगा। पुलिस लाइन भेजे गए कर्मचारियों की व्यक्तिगत भूमिका और विभागीय जांच से संबंधित अलग-अलग तथ्य सामने आने के बाद ही किसी जिम्मेदारी पर निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
फिलहाल एसपी की इस कार्रवाई के बाद बंडा थाना क्षेत्र में नए पुलिस अमले की तैनाती के साथ पुलिसिंग व्यवस्था में बदलाव दिखाई देने लगा है।