रायसेन। जिले में करीब 21 दिन पहले जंगल में लावारिस हालत में मिली नवजात बालिका को जिला अस्पताल में उपचार और देखभाल के बाद भोपाल स्थित किलकारी उड़ान शिशु गृह भेजा गया है। बालिका के माता-पिता या परिजनों के संबंध में अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

जानकारी के अनुसार, 1 सितंबर को बमोरी और डूंगरिया के बीच जंगल में पुलिस को नवजात बालिका मिली थी। जंगल में बच्ची के मिलने के बाद पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा उसे तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया।

जिला चिकित्सालय में डॉ. अनिल ओड एवं एसएनसीयू की महिला नर्सों ने करीब 21 दिनों तक बच्ची की विशेष देखभाल की। अस्पताल में इलाज और देखरेख के दौरान बच्ची के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी गई। वर्तमान में बालिका की स्थिति स्वस्थ बताई जा रही है।
इस मामले में बालिका के माता-पिता अथवा अन्य परिजनों का पता लगाने के प्रयास किए गए, लेकिन 21 दिन बीतने के बाद भी परिजनों की ओर से कोई सूचना नहीं मिली। इसके बाद बालिका के संरक्षण और उचित देखभाल को ध्यान में रखते हुए उसे भोपाल के किलकारी उड़ान शिशु गृह भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आदित्य चावला, सदस्य श्रीमती ममता पटेल एवं श्रीमती ऋतु शुक्ला जिला अस्पताल पहुंचे और नवजात बालिका की स्थिति की जानकारी ली। समिति की देखरेख में बालिका को सुरक्षित रूप से भोपाल स्थित शिशु गृह भेजा गया।
बताया गया कि बच्ची को अब शिशु गृह में संरक्षण और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, बच्ची को जंगल में छोड़ने की परिस्थितियों और उसके माता-पिता अथवा परिजनों की पहचान से जुड़े पहलुओं की जानकारी संबंधित स्तर पर जुटाई जा रही है।