सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
।जिले की गैरतगंज तहसील में उपार्जन केंद्रों पर गेहूं की तुलाई ठप होने से किसान गंभीर संकट में हैं। 10 अप्रैल से शुरू हुई तुलाई प्रक्रिया, जो 5 मई तक जारी रहनी थी, अब “स्लॉट बुकिंग” की समस्या के कारण बाधित हो गई है। इससे छोटे और बड़े दोनों वर्ग के किसानों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शासन के निर्देशानुसार 10 से 20 अप्रैल तक 1 से 2 हेक्टेयर तक के छोटे किसानों की उपज तुलाई की जानी थी, जबकि 20 अप्रैल के बाद बड़े किसानों की तुलाई स्लॉट बुकिंग के आधार पर होनी थी। लेकिन स्लॉट बुकिंग शुरू न होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
तहसील में 14 गेहूं उपार्जन केंद्र और 4 चना-मसूर खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां समर्थन मूल्य पर खरीदी की जानी है। इसके बावजूद किसान अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। इससे कर्ज चुकाने, शादी-विवाह और घरेलू खर्च जैसी आवश्यक योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
आंकड़ों के अनुसार तहसील में चने के 2393 किसान (3282 हेक्टेयर), मसूर के 3210 किसान और गेहूं के 10,076 किसान पंजीकृत हैं। शासन ने गेहूं तुलाई के लिए सिंचित भूमि पर 14.5 क्विंटल प्रति एकड़ और असिंचित भूमि पर 8 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा निर्धारित की है।

प्रशासनिक अधिकारी स्लॉट वेरिफिकेशन में जुटे हैं, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण समाधान अब तक नहीं हो पाया है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द तुलाई शुरू नहीं हुई, तो उनकी स्थिति और खराब हो जाएगी।
इसी बीच, क्रांतिकारी किसान संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के अध्यक्ष मुकेश धाकड़ के अनुसार 23 अप्रैल को सुबह 11 बजे ब्लॉक ग्राउंड में किसानों की बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे के बीच एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन जारी रहेगा।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अंकित जैन ने बताया कि वेयरहाउस में तुलाई जारी है, जबकि स्लॉट बुकिंग में सर्वर संबंधी तकनीकी समस्या आ रही है, जिसका निराकरण किया जा रहा है।
वहीं तहसीलदार अमृता सुमन ने बताया कि लगभग 4000 स्लॉट का वेरिफिकेशन किया जा चुका है, लेकिन सर्वर समस्या के कारण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
प्रशासन का कहना है कि जल्द ही समस्या का समाधान कर किसानों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है