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लैंगिंक असमानता को मिटाने का काम करेंगे जेंडर चैम्पियन

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– 100 छात्रों को जेंडर चैम्पियन बनाकर दिया प्रशिक्षण

– अपने गांव के हर लड़के-लड़की को प्रशासन के समर्थन से समान अवसर दिलाने की जिम्मेदारी

रंजीत गुप्ता शिवपुरी

शिवपुरी जिले में लैंगिक भेदभाव को दूर करने की पहल शुरू की गई है। इसके लिए महिला बाल विकास एवं ममता संस्था द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से 50 लड़कियों एवं 50 लड़कों को जेंडर चैम्पियन के रूप में चयनित किया गया। यह टीम जिले में एक अभियान चलाकर लैंगिंक असमानता को मिटाने का काम करेगी। इसके लिए इन चयनित बच्चों को एक प्रशिक्षण दिया गया। महिला बाल विकास एवं ममता संस्था के द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से 50 लड़कियों एवं 50 लड़कों को जेंडर चैम्पियन के रूप में चयनित कर इनको एक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास के सहायक संचालक आकाश अग्रवाल ने कहा कि सामाजिक विकास के लिए हमें असमानता को मिटाना जरूरी है। इसमें आप लोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

4 छात्रावासों के 100 छात्रों का चयन-

शुरुआती समय में जिले के 4 छात्रावासों के 100 बच्चों को चयनित किया गया है। अगले वर्ष इस दायरे को और बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में शा कन्या शिक्षा परिसर शिवपुरी, अनुसूचित जनजाति उत्कृष्ट बालक छात्रावास शिवपुरी,शा अनुसूचित जनजाति उत्कृष्ट सीनियर बालक छात्रावास शिवपुरी एवं शा जिला स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र शिवपुरी को चयनित किया गया है। ममता संस्था की जिला संयोजक कल्पना रायजादा ने चयनित बच्चों को विभिन्न योजनाओं और कानूनों की जानकारी दी तथा बच्चों को में हूँ जेंडर चैम्पियन अंकित टीशर्ट, केप,बेज एवं डायरी भेंट की जिसमें वे अपने कार्यों का लेखा जोखा रखेंगे। चैम्पियनस को आदिम जाति विभाग के छात्रावास अधीक्षकों एवं विभिन्न अधिकारियों के माध्यम से समय समय पर प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा।

भेदभाव के दुष्प्रभावों से कराएंगे परिचित –

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लैंगिंक असमानता समाज के विकास में एक बड़ी बाधा है। समग्र सामाजिक विकास के लिए इसे मिटाना जरूरी है। यह काम सरकार और समाज दोनों के समन्वित प्रयासों से ही संभव है। इसी विचारधारा से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के 100 बच्चों को जेंडर चैम्पियन के रूप में चयनित किया गया है। बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने चयनित चैम्पियनों को उनकी भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए लड़के और लड़कियों के बीच होने वाले भेदभाव के दुष्प्रभावों से परिचित कराया। विशेष किशोर इकाई प्रभारी सूबेदार गायत्री इटोरिया ने बच्चों के साथ पुलिस के मैत्रीपूर्ण व्यवहार की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों के लिए पुलिस की एक अलग से व्यवस्था है।

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