भोपाल। अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला जारी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के अलावा अरब सागर से भी नमी मिलने के कारण वर्षा का दौर अभी दो-तीन दिन तक बना रह सकता है। बुधवार-गुरुवार को सागर, भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर संभाग के जिलों में वर्षा होगी। इन स्थानों पर कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है।
उधर पिछले 24 घंटों के दौरान बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक नरसिंहपुर में 218, मलाजखंड में 143.4, मंडला में 135.6, जबलपुर में 83, सागर में 62.8, शिवपुरी में 46, सीधी में 41.4, सिवनी में 38.8, छिंदवाड़ा 31.8, पचमढ़ी में 26.8, दमोह में 26, गुना में 20.7, रायसेन में 19.8, नर्मदापुरम में 11.7, नौगांव में 11, दतिया में 5.2, रतलाम में चार, बैतूल में 3.6, टीकमगढ़ में 2.6, भोपाल में 2.6, धार में1.5, उमरिया में 1.2, उज्जैन में 0.4, खजुराहो में 0.4, ग्वालियर में 0.1 मिलीमीटर वर्षा हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जो उत्तर-पूर्व मप्र पर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र से होकर जा रही है। इसके अतिरिक्त गुजरात और उससे लगे अरब सागर पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि इन चार मौसम प्रणालियों के असर से पूरे प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा हो रही है। वर्षा का सिलसिला अभी दो-तीन दिन तक बना रह सकता है। इस दौरान नर्मदापुरम, भोपाल में कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है।
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