– शिवपुरी रेल्वे स्टेशन को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने पर चर्चा
– गुमशुदा एवं घर से भागे बच्चों की सुरक्षा के लिये होगी निगरानी
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
बच्चों की तस्करी, अपहरण की घटनाएं रोकन शिवपुरी में रेलवे चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी सक्रिय हुई है। इसी क्रम में रेलवे चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी की बैठक आयोजित हुई। इसमें गुमशुदा या घर से भागने वाले बच्चों तथा यात्रा के दौरान परिवार से बिछड़े बच्चों को परिवारों से मिलाने के लिए रेलवे स्टेशन पर गठित चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटी ने रणनीति बनाई। इस दौरान आरपीएफ थाने पर आयोजित इस बैठक में रेलवे स्टेशन को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के संबंध में चर्चा की गई। बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा, बाल कल्याण समिति सदस्य रविन्द्र कुमार ओझा, स्टेशन प्रवंधक आरएस मीना, आरपीएफ एएसआई प्रकाश सोलंकी, जीआरपी थाना प्रभारी लखन रघुवंशी, आरपीएफ के प्रआ विवेक कौशल, आरक्षक आशीष सिंह,कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के जिला समन्वयक गिर्राज धाकड़ मौजूद रहे।
सम्पूर्ण स्टेशन परिसर सीसीटीवी कैमरों से लेस-
बैठक में आरपीएफ एएसआई प्रकाश सोलंकी ने बताया कि स्टेशन परिसर में आने-जाने वाले बच्चों तथा रेल गाड़ियों में यात्रा करने वाले सभी बच्चों की विशेष निगरानी की जाती है। स्टेशन प्रवंधक आरएस मीना ने बताया कि स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारियों को भी बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूक किया गया है तथा सम्पूर्ण स्टेशन परिसर को सीसीटीवी कैमरों से संरक्षित किया गया है।
समन्वित प्रयासों की जरूरत-
बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने कहा कि बच्चों की तस्करी, अपहरण की घटनाएं बढ़ती जा रहीं है, हमें मिलकर इन घटनाओं पर अंकुश लगाना होगा। बच्चों को भिक्षाबृत्ति, मजदूरी एवं अन्य अनैतिक कार्यों के लिये लोग रेलगाड़ियों के माध्यम से ही दूसरे राज्यों में ले जाने का काम करते है। हमें स्टेशन परिसर एवं रेलगाड़ी के भीतर यात्रा कर रहे बच्चों पर नजर रखने की जरूरत है। बाल कल्याण समिति सदस्य रविंद्र कुमार ओझा ने कहा कि बच्चे राष्ट्र की अनमोल संपदा है,उनके संरक्षण के लिये समन्वित प्रयासों की जरूरत है। स्टेशन परिसर को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के लिये स्टेशन तथा रेलगाड़ियों से जुड़े व्यक्तियों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता रखने की आवश्यकता है।