भोपाल। देशविरोधी गतिविधियों में गिरफ्तार हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) के सदस्य सलीम उर्फ सौरभ राजवैद्य के पिता अशोक राजवैद्य के रहस्योद्घाटन से भोपाल पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बकौल अशोक उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपने बेटे की करतूत नौ वर्ष पहले ही बता दी थी। बताया था कि वह मतांतरित हो कर अन्य लोगों को मतांतरण के लिए प्रेरित कर रहा है। आठ लोग उसके बहकावे पर मुस्लिम बन चुके हैं। पिता ने कहा कि उन्हें बेटे की संदिग्ध गतिविधियों से लगने लगा था कि वह कुछ देश विरोधी कार्य में भी लगा है। उन्होंने कहा कि इसी लिए मैंने पुलिस को मतांतरित होने वालों के फोन नंबर सहित सूची दी थी। यह भी बताया था कि यहां कट्टरपंथी जाकिर नाइक का गैंग काम कर रहा है। वह लोगों गुमराह कर देश के खिलाफ उन्हें भड़का रहे हैं, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भोपाल स्थित टीआइटी कालेज में उसके साथ पढ़ाने वाले एक शिक्षक डा. कलाम ने उसका ब्रेनवाश किया था। जाकिर नाइक के साहित्य और प्रभाव दिखाकर उसे बरगलाया गया। उनसे प्रभावित होकर वह तीन वर्ष में सौरभ से सलीम बन गया। अशोक ने कहा, वह कर्नाटक से एम फार्मा करके आया था। लांबाखेड़ा में हमारे साथ ही रहता था। बोलता था कि मैं सत्य की खोज कर रहा हूं। इस्लाम के नाम पर हमेशा देशद्रोही बात करता था। बहनों से राखी बंधवाना बंद कर दिया था। मुझे लगा कि वह कठिनाई पैदा कर रहा है तो अगस्त 2014 में घर से निकाल दिया।
पिता से कहा था, मुझ पर मुसलमान भरोसा नहीं करते
अशोक बताते हैं कि लगभग तीन साल पहले उसने कहा था कि मुसलमान उस पर भरोसा नहीं करते, क्योंकि वह मंतातरित होकर मुस्लिम बना है। उनका कहना है कि सौरभ मुस्लिम धर्म की विशिष्टताओं को ही मुस्लिमों को बताता था। वह कुछ मुस्लिमों की आंखों में भी चुभने लगा था। मुझे लगता है कि उन्होंने ही उसके विरुद्ध षड्यंत्र कर फंसाया है। उसने गुनाह किया है तो सजा मिलनी चाहिए, पर पुलिस को यह भी देखना चाहिए कि कोई साजिश तो नहीं है। सौरभ की मां बसंती ने कहा, “वह बहुत आज्ञाकारी था, परंतु दाढ़ी बढ़ाने पर मैं टोकती तो बहस करने लगता था।
जाकिर नाइक के एंगल से भी जांच करेगी एटीएस : नरोत्तम
प्रदेश के गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि एटीएस द्वारा की जा रही जांच में जाकिर नाइक एंगल भी शामिल करेंगे। उन्होंने कहा, हम पहले भी कहते थे नाइक कोई शांतिदूत नहीं हैं। मंतातरण और असंवैधानिक कार्य करने वाले इसमें लिप्त हैं। हर बिंदु से जांच कराएंगे।
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