देवेंद्र तिवारी सांची, रायसेन
जैसे तैसे किसान अपनी मशक्कत कर फसल तैयार करते है जब सरकारी खरीदी केंद्र पर बेचने की बारी आती हैं तब पहले किसानों को अपनी फसलों का पंजीयन कराना पडता हैं इस वर्ष से फसलों को लेकर स्लाइड बुकिंग प्रक्रिया अस्तित्व में लाई गई है इस प्रक्रिया से किसानों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है किसान अपनी फसलों को लेकर स्लाइड प्रक्रिया से तारीख पर तारीख बढने से परेशान होकर भटकते दिखाई दे रहे है।
जानकारी के अनुसार किसानों अपनी उपज को पैदा करने में रातदिन एक कर देते हैं यहां तक कि फसलों को तैयार करने के उपरांत मौसम की बार बार करवट बदलने की परेशानी भी उठाने मजबूर हो जाते है जैसे तैसे अपनी उपज तैयार कर जब तुलाई का दौर शुरू होता है तो किसानों को अपनी उपज बेचने सरकारी केंद्र पर अपनी उपज का पंजीयन कराना पडता हैं परन्तु इस वर्ष से किसानों के सामने एक और स्लाइड प्रक्रिया को लागू किया गया है यह प्रक्रिया 15 मार्च से शुरू की गई थी परन्तु इस प्रक्रिया को आगे बढाते हुएं एक अप्रैल कर दिया गया अब किसानों के सामने यह नीति बना दी गई कि पहले पांच एकड वाले किसानों की बुकिंग ही हो सकी तथा बडे किसानों को अपनी उपज तुलवाने तारीख आने का इंतजार करना पड रहा है परन्तु तारीख का अता पता ही नहीं चल पा रहा है इससे किसान बैचेन हो उठे हैं दूसरी ओर किसानों की उपज बेचने के लिए खुले आसमान में उपज रखनी पड रही हैं इसके साथ ही आसमान में बार बार बादलों के डेरा जमने से बैचेनी बढ रही हैं दूसरी तरफ शादी ब्याह का दौर भी चल पडा हैं इस स्थिथि मे किसानों के सामने अपनी फसल बेचने की चिंता बढ गई है इतना ही नहीं अनेक किसानों ने बताया कि वेयरहाउस केंद्र पर किसानों से एक क्विंटल पर एक किलो अतिरिक्त गेहूं की मांग भी किसानों को परेशानी में डाल रही है परन्तु किसानों की समस्या से शासन प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं।