-40 गांवों के श्रद्धालु बनते हैं साक्षी
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड की ग्राम पंचायत गीदगढ़ की पहाड़ी पर 351 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्री सिद्धेश्वर गुफा मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। रंग पंचमी और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होते हैं, जिनमें आसपास के करीब 40 गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पूरा पहाड़ भक्ति, श्रद्धा और उत्सव के रंग में रंग जाता है।
मंदिर परिसर में प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा देर शाम तक भजन-कीर्तन की प्रस्तुतियां दी जाती हैं, वहीं पारंपरिक गम्मत लोगों के आकर्षण का केंद्र रहती है। आयोजन के दौरान समय-समय पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते हैं।
श्रद्धालु भगवान सिद्धेश्वर के दर्शन और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना की प्रार्थना करते हैं। धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर मेले में तब्दील हो जाता है और दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं।
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थित चमत्कारी जलकुंड है। मान्यता है कि पूरे वर्ष इस छोटे से कुंड में पानी भरा रहता है। श्रद्धालु जितना पानी निकालते हैं, उतना ही पानी फिर भर जाता है। आज तक यह रहस्य नहीं सुलझ पाया कि इस कुंड में पानी का स्रोत कहां है। यही कारण है कि स्थानीय ग्रामीण इसे भगवान शिव का चमत्कार मानते हैं और यहां पूरे वर्ष धार्मिक आयोजन एवं पूजा-पाठ का सिलसिला जारी रहता है। गुफा मंदिर पर शिव पार्वती ,हनुमान जी, काली माता, राम सीता लक्ष्मण सहित दुर्गा जी की मूर्ति भी स्थापित है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिद्धेश्वर गुफा मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं का जीवंत केंद्र है। रंग पंचमी और महाशिवरात्रि पर यहां उमड़ने वाली भीड़ इस बात का प्रमाण है कि गीदगढ़ का यह प्राचीन धाम आज भी लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आज तक का केंद्र बना हुआ है