रायसेन। जिला जेल में प्रहरी पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी निलेश ठाकुर ने जेल के अंदर हथियार पहुंचाने से लेकर फरारी की कोशिश तक की पूरी साजिश के बारे में जानकारी दी है। इस बीच जेल के अंदर हुई घटना और फायरिंग का लाइव CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी प्रहरी के पास कट्टा लेकर पहुंचता और उसके साथ झूमाझटकी करता दिखाई दे रहा है।
कट्टा लेकर प्रहरी के पास पहुंचा आरोपी
पुलिस के मुताबिक निलेश ठाकुर करीब 11 महीने से हत्या के मामले में रायसेन जिला जेल में बंद था। जेल में उसकी मुलाकात राहुल बेदी से हुई और दोनों के बीच दोस्ती हो गई। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान दोनों ने जेल से फरार होने की योजना बनाई।
सामने आए CCTV फुटेज में निलेश ठाकुर हाथ में कट्टा लेकर जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर के पास पहुंचता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि मुख्य द्वार की चाबी को लेकर आरोपी और प्रहरी के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान आरोपी ने प्रहरी पर फायर कर दिया।

प्रहरी के सिर पर कट्टे से किया हमला
पुलिस के अनुसार गोली लगने के बाद भी प्रहरी ने आरोपी का सामना किया। आरोप है कि निलेश ने प्रहरी के सिर पर कट्टे से दो वार किए और उसकी आंखों में मिर्ची डालकर चाबी तलाशने की कोशिश की।इसी दौरान जेल की एक महिला कर्मचारी ने कट्टा उठा लिया। घायल प्रहरी ने भी आरोपी को पकड़ लिया। दोनों के बीच झूमाझटकी हुई, जिसके बाद मौके पर पहुंचे अन्य जेल कर्मचारियों ने निलेश को पकड़ लिया। जेल स्टाफ की तत्परता से आरोपी जेल से बाहर निकलने में कामयाब नहीं हो सका।

जेल के बाहर से पहुंचाया गया था हथियार
पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक जेल से फरारी की योजना के तहत बाहर से हथियार जेल परिसर के अंदर पहुंचाया गया था। पुलिस का कहना है कि 19 अगस्त को एक पैकेट जेल के बाहर से निर्धारित स्थान पर फेंका गया था। निलेश ने कथित तौर पर इस पैकेट को हासिल किया, जिसमें 315 बोर का देशी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस थे।
पुलिस के अनुसार हथियार को जेल के अंदर छिपा दिया गया और फरार होने के लिए सही मौके का इंतजार किया जाने लगा।
जेल अधीक्षक के छुट्टी पर होने की जानकारी के बाद की कोशिश
पुलिस के मुताबिक 2 सितंबर को जेल अधीक्षक के छुट्टी पर होने की जानकारी मिलने के बाद निलेश ने फरारी की कोशिश की। फल खाने का बहाना बनाकर वह जेल के मुख्य द्वार के पास पहुंचा और प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को कट्टा दिखाकर चाबी से ताला खोलने के लिए कहा।
इसी दौरान प्रहरी और आरोपी के बीच झूमाझटकी हुई और कट्टे से एक राउंड फायर हो गया, जो प्रहरी को लगा। गोली चलने की आवाज सुनकर जेल का अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा और आरोपी को पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से देशी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश
पुलिस ने मामले में निलेश उर्फ छोटेल, राहुल बेदी और शुभम बेदी को आरोपी बनाया है। पुलिस के अनुसार तीनों वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं। वहीं निलेश का मामा सुपियार सिंह फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस अब इस पूरे मामले में हथियार जेल के अंदर पहुंचाने, फरारी की साजिश में शामिल अन्य लोगों और आरोपियों के बीच संपर्क की भी जांच कर रही है।
CCTV फुटेज सामने आने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों तक हथियार पहुंचने को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।