‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक होंगे आयोजन
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के दीवानगंज सेक्टर में बुधवार को राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सेक्टर के अंतर्गत आने वाले सभी आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने जागरूकता रैली निकाली। रैली में बच्चों और किशोरियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यकर्ताओं ने पोषण एवं स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न नारे लगाए। पहले दिन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर रैली निकालकर एवं स्लोगन लिखकर जागरूक किया गया।
राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर किया जाएगा। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण मेले, रेसिपी प्रदर्शनियां, बच्चों की शारीरिक माप, कुपोषित बच्चों की पहचान, प्रारंभिक बाल विकास और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी।
पोषण मेलों में दिखेगी स्थानीय खाद्य विविधता
पंचायत भवन, स्कूल और सामुदायिक भवनों में पोषण मेले एवं रेसिपी प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इनमें स्थानीय दालें, चना, मूंगफली, सोया, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मिलेट्स और मौसमी सब्जियों से तैयार पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा।
अपने प्रोटीन को पहचानें’ अभियान के माध्यम से परिवारों को स्थानीय प्रोटीन स्रोत और संतुलित आहार की जानकारी दी जाएगी।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को स्थानीय एवं विविधतापूर्ण ताजा नाश्ता और गर्म पका भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और स्वच्छता की निगरानी में पंचायत, मातृ सहयोगिनी समितियों और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
11 सितंबर से बच्चों की शारीरिक माप, कुपोषित बच्चों की होगी पहचान
अभियान के तहत 11 सितंबर से शारीरिक माप दिवस आयोजित किए जाएंगे। जन्म से 6 वर्ष तक के बच्चों का वजन, लंबाई और ऊंचाई सहित आवश्यक माप लेकर पोषण ट्रैकर में दर्ज किया जाएगा। गंभीर तीव्र कुपोषण, मध्यम तीव्र कुपोषण और गंभीर रूप से कम वजन वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाएगा। नए चिन्हित बच्चों का पंजीयन कर नियमित फॉलोअप भी किया जाएगा।
पोषण पुनर्वास केंद्र से उपचार के बाद लौटे बच्चों की भी निगरानी की जाएगी। 6 से 60 माह के गंभीर तीव्र कुपोषित बच्चों की भूख की जांच कर आवश्यकता होने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा।

पहले 1000 दिनों और बाल विकास पर विशेष जोर
अभियान के दौरान गर्भावस्था से बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिनों तक पोषण, स्तनपान, शिशु देखभाल और संवेदनशील पालन-पोषण को लेकर परिवारों को जागरूक किया जाएगा। 0 से 3 वर्ष के बच्चों वाले परिवारों से संपर्क कर वृद्धि-विकास, प्रारंभिक उद्दीपन और खेल आधारित गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी।
बाल चौपाल, कहानी, गीत, चित्रकला, रोल-प्ले, पपेट शो, कविता और खेल आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के मानसिक, भाषाई, शारीरिक और सामाजिक-भावनात्मक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। अभिभावकों को प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट बच्चों के साथ बातचीत, खेल और कहानी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
PMMVY के शत-प्रतिशत लाभ पर जोर
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए विशेष नामांकन एवं संतृप्ति अभियान चलाया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की पहचान कर समय पर पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित करेंगी। लंबित भुगतान, सत्यापन, स्वीकृति और डीबीटी से संबंधित प्रकरणों के निराकरण पर भी जोर रहेगा।
पहले बच्चे की दूसरी किश्त के लिए समय पर टीकाकरण की पोर्टल पर प्रविष्टि कराने तथा दूसरे प्रसव में बालिका जन्म होने पर पात्र महिलाओं को योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जनभागीदारी से मजबूत होगी आंगनवाड़ी व्यवस्था
पोषण माह को केवल विभागीय कार्यक्रम न रखकर जनभागीदारी का अभियान बनाया जाएगा। पंचायत, स्वयं सहायता समूह, आशा कार्यकर्ता, शिक्षक, विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाओं को अभियान से जोड़ा जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों की स्वच्छता, रखरखाव और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था में समुदाय से सहयोग एवं श्रमदान के लिए भी अपील की जाएगी। किशोरी बालिकाओं के लिए किशोरावस्था में पोषण की आवश्यकता को लेकर विशेष परामर्श सत्र आयोजित होंगे।
अभियान की गतिविधियां महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, कृषि, आयुष, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेल एवं युवा कल्याण, पर्यावरण एवं वन तथा उद्यानिकी सहित अन्य विभागों के समन्वय से आयोजित की जाएंगी।