भोपाल। प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान, भोपाल के संचालक एवं प्राचार्य डॉ. रामकुमार स्वर्णकार के सेवानिवृत्त होने पर संस्थान परिसर में गरिमामय एवं भावपूर्ण विदाई समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में संस्थान के प्राध्यापकों, कार्यालयीन कर्मचारियों, एम.एड. एवं बी.एड. के वर्तमान एवं पूर्व प्रशिक्षणार्थियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों और परिजनों ने उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी विदाई दी। समारोह का शुभारंभ डॉ. स्वर्णकार के पुष्पगुच्छ से स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद उन्हें स्मृति-चिन्ह, अभिनंदन-पत्र एवं विभिन्न उपहार भेंट कर उनके दीर्घ एवं उल्लेखनीय शैक्षणिक व आध्यात्मिक सामाजिक योगदान का सम्मान किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भावुक वातावरण बना रहा और अनेक वक्ताओं ने उनके साथ बिताए अनुभव साझा किए। उनके स्वागत सम्मान के लिए जबलपुर, भोपाल सहित अन्य स्थानों से गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
संस्थान की वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. भारती श्रीवास्तव ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि डॉ. स्वर्णकार का व्यक्तित्व विद्वता, सादगी, अनुशासन और मानवीय व आध्यात्मिक मूल्यों का अद्भुत संगम है। उन्होंने शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण का आधार माना। उनके नेतृत्व में संस्थान ने शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कीं। अन्य प्राध्यापकों, पूर्व एवं वर्तमान प्रशिक्षणार्थियों ने भी डॉ. स्वर्णकार के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने सदैव विद्यार्थियों को विषय ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और जीवन-दृष्टि का मार्गदर्शन दिया।
वक्ताओं ने कहा कि उनका सरल, सहज और प्रेरणादायी व्यक्तित्व सभी के लिए सदैव अनुकरणीय रहेगा। अपने उद्बोधन में सेवानिवृत्त संचालक डॉ. रामकुमार स्वर्णकार ने संस्थान परिवार, सहयोगी प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं प्रशिक्षणार्थियों के प्रति आत्मीय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता टीम भावना, पारस्परिक सहयोग और समर्पण से ही संभव होती है। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में मिले स्नेह और सहयोग को जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा शिक्षकों से सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। समारोह में डॉ. स्वर्णकार के परिजन, अनेक शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक, संस्थान के सभी प्राध्यापक, कार्यालयीन स्टाफ तथा एम.एड. एवं बी.एड. के पूर्व एवं वर्तमान प्रशिक्षणार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।