सागर। भोपाल में संभावित वर्षायोग चातुर्मास के लिए विहार कर रहे आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य जैनाचार्य श्री समय सागर महाराज लगभग 1 वर्ष बाद पुनः मध्य प्रदेश की सीमा में 2 जुलाई को छिंदवाड़ा जिले के पांडुरना में प्रवेश करेंगे पांडुरना में प्रवेश पर भव्य अगवानी की तैयारी हो रही है।
मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया कि श्रुत पंचमी के बाद आचार्य श्री समय सागर महाराज ससंघ 27 जून को 3 माह के प्रवास के बाद नागपुर से भोपाल की ओर विहार प्रारंभ किया था वर्ष 2026 के वर्षायोग चातुर्मास के लिए लगभग आधा सैकड़ा से अधिक स्थानों के श्रद्धालुओं ने श्रीफल समर्पित कर उन्हें चातुर्मास हेतु आमंत्रण दिया था लेकिन भोपाल में हबीबगंज में बन रहे पत्थर के जिनालय का निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है और वहां पर आचार्य श्री के जाने की संभावनाएं बढ़ गई है गुरुदेव के संघ में 23 मुनि महाराज है 2 जुलाई को पांढुरना में आहारचर्या होगी। उसके पश्चात मुलताई, बैतूल, शाहपुर, इटारसी, होशंगाबाद होकर 18 जुलाई तक भोपाल पहुंचने की प्रबल संभावना है उल्लेखनीय 2016 में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज भी कुंडलपुर से सागर होकर 18 जुलाई 2016 को भोपाल पहुंचे थे और वर्षायोग चातुर्मास किया था। भोपाल में संभावित चातुर्मास को लेकर के पूरे देश भर की जैन समाज की निगाहें टिकी हुई है।
वर्षायोग चातुर्मास के लिए आचार्य संघ के सभी साधु-संतों के विहार इन दिनों अपने-अपने गंतव्य की ओर लगातार चल रहे हैं
सागर में भी निर्यापक मुनि श्री अभय सागर महाराज ससंघ का मंगल चातुर्मास हो रहा है। इसके लिए सागर समाज चंदेरी में श्रीफल भेंट कर चुकी है जबकि संघ के तीन अन्य मुनिराज विदिशा से सागर की ओर बिहार कर रहे हैं।