– किसानों का कहना उन्हें रबी सीजन में चाहिए खाद लेकिन नहीं मिल रहा
– किसानों आरोप- केवल आश्वासन मिल रहा है
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी जिले में खाद को लेकर किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। परेशान किसानों ने खनियांधाना कस्बे के अनाज मंडी के बाहर प्रदर्शन किया और यहां पर प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया। किसानों का कहना था कि उन्हें इस समय रबी सीजन में खाद की आवश्यकता है लेकिन खाद नहीं मिल रहा है और वह परेशान हो रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन के अधिकारी इस मामले में कोई आवश्यक कदम नहीं उठा रहे हैं।
किसानों आरोप- केवल आश्वासन मिल रहा है-
शिवपुरी जिले के खनियांधाना कस्बे की अनाज मंडी के बाहर किसानों ने खाद वितरण में अनियमितता को लेकर जमकर प्रदर्शन किया और सड़क पर चक्काजाम कर दिया। किसानों का आरोप था कि प्रशासन ने यूरिया खाद देने का आश्वासन दिया था, लेकिन वादे के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिली। खनियांधाना क्षेत्र के एक किसान राजवीर लोधी ने आरोप लगाए कि ने वह पिछले चार दिनों से खनियाधाना खाद वितरण केंद्र के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक टोकन नहीं मिला। उ

खाद के लिए महिला किसान भी परेशान –
यहां पर महिलाएं भी खाद लेने के लिए परेशान होती रही। इस दौरान चक्काजाम प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाए कि वह वह रोजाना खाद लेने आ रही हैं। लेकि खाद नहीं मिल रहा है। चक्काजाम करने वाले किसानों ने आरोप लगाए कि किसान लाइन में लगे थे, मगर टोकन दबंगों और प्रभावशाली लोगों को दे दिए गए। इस प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। बाद में जब खाद से भरे ट्रक गोदाम पहुंचे और तहसीलदार ने किसानों को जल्द वितरण का आश्वासन दिया, तब जाकर किसानों ने जाम खोला और स्थिति सामान्य हुई।
करैरा, पोहरी, कोलारस में हो चुका है प्रदर्शन –
शिवपुरी जिले में इस समय रबी सीजन में किसान वर्ग सरसों, गेहूं और चने की किसानी में लगा है और उसे डीएपी सहित खाद की आवश्यकता है लेकिन खाद वितरण केद्रों पर यह खाद उपलब्ध नहीं है। किसानों को टोकन के लिए अलग से लाइन में लगना पड़ता है इसके बाद वितरण केंद्र पर जाकर खाद लेने के लिए अलग से लाइन में लगना पड़ता है। इन दोनों के बीच किसानों को परेशानी हो रही है। जिले के पोहरी, कोलारस व करैरा में बीते दिनों प्रदर्शन हो चुके हैं। पोहरी में तो किसानों ने चक्काजाम किया था।