ग्रामीणों की जान को भी बना रहता है खतरा
सुरेंद्र जैन धरसीवां
औद्योगिक इकाइयों के ओवर लोड वाहन धरसीवा विधानसभा क्षेत्र की ग्रामीण सड़को की जान ले रहे हैं साथ ग्रामीणों की जान को भी ये खतरा बने हुए हैं
जानकारी के मुताबिक चरोदा से टाडा मोहदी दौंदे प्रधानमंत्री सड़क सांकरा से पठारीडीह पीएम सड़क एवं सिलयारी क्षेत्र की पीएम सड़को की क्षमता बारह टन है साथ ही पीडब्ल्यूडी की सड़को की क्षमता इससे थोड़ी अधिक है लेकिन उन पर तीस से चालीस टन वजनी मालवाहक औद्योगिक इकाइयों का माल लेकर निरंतर गुजरते हैं इस कारण इन सड़को की बहुत कम समय में जान निकल रही है
टन के हिसाब से पेमेंट के चक्कर में करते हैं ओवर लोड
सूत्रों की माने तो औद्योगिक इकाइयां ट्रांसपोर्टरों को टन के हिसाब से पेमेट करती है इसलिए वह अपने मालवाक वाहनों में तीन चार चक्कर का माल एक ही बार में लोड करके फैक्ट्रियों में पहुंचाते

सिलयारी क्षेत्र में हालत ज्यादा खराब
क्षेत्र में सबसे अधिक ग्रामीण सड़को की दयनीय स्थिति सिलयारी कुरूद किरणा हालात कुथरेल आदि गांवों के आसपास है जिसका कारण है धरसीवां से तिल्दा तक सड़क किनारे स्थित कुछ बड़ी औद्योगिक इकाईयां हैं जिनका माल मालगाड़ियों से उतरकर इन फैक्ट्रियां तक जाता है ट्रांसपोर्टर चाहें तो अंडर लोड वाहन भी चला सकते हैं लेकिन इससे उन्हें एक दो की जगह कई चक्कर लगाना पड़ेंगे इसीलिए वह सड़क की क्षमता से कई गुना अधिक माल लोड कर औद्योगिक इकाइयों में ले जाते है
कई बार टल चुके बड़े हादसे
सिलयारी से कुथरेल व तिल्दा मार्ग पर स्थित उद्योगों में ओवर लोड माल ले जाते ट्रेलरों से कई बार लोहे के भारी भरकर बंडल सड़को पर गिरने से बड़े हादसे होते होते टल चुके है एवं ओवर लोड मालवाहक भी अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे उतर चुके हैं बाबजूद इसके ओवर लोडिंग का सिलसिला जारी है यदि सड़क के क्षमता के अनुरूप लोनिवि सड़क पर करीब बीस टन ओर पीएम सड़क पर सिर्फ बारह टन वजनी मालवाहक निकले तो न तो कोई दुर्घटना होगी न ही सड़को की समय से पहले जान निकलेगी

टी आई धरसीवा से मांग
ग्रामीणों ने टी आई धरसीवा राजेंद्र दीवान से मांग की है कि सिलयारी कुथरेल तिल्दा मार्ग पर औद्योगिक इकाइयों का सड़क की क्षमता से अधिक माल ले जाने वाले मालवाहक वाहनों पर सिर्फ चालान नहीं बल्कि जप्ती की कार्यवाही करें ताकि ओवर लोड वाले चलना बंद हों और ग्रामीण सुख शांति से रहे।