अभिषेक असाटी बक्सवाहा
जिले में पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस मुख्यालय भोपाल के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी पुलिसकर्मी पांच वर्ष से अधिक समय तक एक ही थाने में तैनात नहीं रहेगा। इस निर्देश का पालन करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने जिलेभर के थानों से लंबे समय से पदस्थ पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए थे।
बक्सवाहा थाना भी इन थानों में शामिल था जहां से सात आरक्षकों का स्थानांतरण किया गया। लेकिन यहां की कार्यप्रणाली पर तब सवाल उठने लगे, जब स्थानांतरित किए गए दो पुलिसकर्मियों को बक्सवाहा थाना प्रभारी ने पुनः तैनात कर लिया। यह कदम एसपी के आदेशों की सीधी अवहेलना के रूप में देखा जा रहा है।
ये हैं मामला
जानकारी के मुताबिक 20 जून को छतरपुर पुलिस अधीक्षक अगम जैन द्वारा आरक्षक उमेश राय का बड़ा मलहरा और आरक्षक चालक पीयूष प्रधान का तबादला एसडीओपी बड़ा मलहरा के लिए किया गया था लेकिन 18 दिन बीत जाने के बावजूद इन दोनों आरक्षकों को नए स्थान पर रवाना नहीं किया गया है आमतौर पर तबादले का आदेश आते ही पुलिसकर्मी को जल्द से जल्द नई तैनाती के लिए रिलीव कर दिया जाता है लेकिन इस मामले में स्थिति पूरी तरह उलट है।
इस टासफर को लेकर पुलिस विभाग में चर्चाए हो रही है कि एसपी के आदेश को उनके महतक ही हल्के में ले रहे है सवाल उठ रहा है कि क्या बक्सवाहा थाना प्रभारी को एसपी के आदेशों की परवाह नहीं , या फिर उसके पीछे कोई और वजह है।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि आखिर इन दो आरक्षकों को अब तक रिलीव क्यों नहीं किया गया क्या यह किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में किया जा रहा है , या फिर थाना स्तर पर कुछ स्वार्थ निहित कारण हैं
उठने लगेगा सवाल
यदि पुलिस विभाग में इसी तरह के नियमों की अनदेखी होती रही तो प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो जाएगा, एसपी को इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए अपने आदेश का पालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि विभागीय अनुशासन बरकरार रहे।
इनका कहना है-
पीएचक्यू के निर्देशों के अनुसार जिनके स्थानांतरण किए गए थे उनमें से कुछ महिला पुलिसकर्मियों को छोड़कर सबकी रवानगी और आमद नई जगह पर हो चुकी है। फिर भी आप बता रहे हैं तो मुझे नाम बताईए मैं अभी दिखवा लेती हूं।
– विदिता डागर ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, छतरपुर