– साधना नेताम ने खुले आसमान तले दिया बच्चे को जन्म
– कांग्रेस ने कहा भाजपा का आदिवासी विरोधी चेहरा एक बार फिर उजागर
सुरेंद्र जैन धरसीवां
तीन चार दशक पहले आदिवासी अंचलों से राजधानी रायपुर के समीप शेरीखेड़ी में अपने आशियाने बनाकर जीवन यापन कर रहे दर्जनों आदिवासी परिवारों के आशियाने चिलचिलाती धूप ओर लू के थपेड़ों के बीच तोड़ दिए गए जिस दिन उनके आशियाने तोड़े उसी दिन खुले आसमान तले गर्भवती आदिवासी महिला साधना नेताम ने एक बच्चे को जन्म दिया अब यह सभी परिवार सड़क पर व्यवस्थापन का इंतजार कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस ने इसे भाजपा का आदिवासी विरोधी ओर सबसे बड़ा अमानवीय कृत्य बताया है।

इस प्रतिनिधि ने मौके पर जाकर देखा तो आदिवासियों के आशियाने मलबे में तब्दील हो चुके थे चिलचिलाती धूप ले के थपेड़ों के बीच आदिवासी परिवारों के छोटे छोटे बच्चे ओर महिलाएं खुले आसमान तले चोक में ओर ब्रिज के नीचे जहां जगह मिली वहां अपना सामान रखे जीवन से संघर्ष करते दिखाई दिए
एक महिला अपने तीन चार माह के जुड़वा बच्चों के साथ दिखाई दी तो वहीं एक आदिवासी महिला साधना नेताम अपने तीन चार दिन के दुधमुंहे बच्चे को गोद में लिए खुले आसमान तले बैठी थी
साधना नेताम ने बताया कि जिस दिन रेलवे वालो ने उनके आशियाने तोड़े उसी दिन बच्चे का जन्म हुआ

तीन चार दशक पहले से रह रहे हैं आदिवासी
बेघर हुए आदिवासी परिवारों का कहना है कि उनके बुजुर्ग तीन चार दशक पहले छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों से यहां आए थे और अपने झोपड़े बनाकर रह रहे थे मेहनत मजदूरी कर परिवार का लालन पालन करते आए हैं शेरीखेड़ी गांव में ही उनके परिवारों के राशनकार्ड बने हैं यही का आधार कार्ड ओर वोटर आईडी है लेकिन अचानक से उन्हें व्यवस्थापित किए बिना रेल प्रशासन ने हटा दिया कारण बताया कि तीसरी रेल लाइन निकलेगी
आदिवासियों का कहना है कि हम तीसरी लाइन के विरोधी नहीं तीसरी क्या चौथी निकले अच्छी बात है लेकिन हम गरीब आखिर कहां जाएं इतनी तेज गर्मी में घरौंदे तोड़े हैं कि तेज धूप ओर लू के बीच पलभर रहना मुश्किल है सरकार हमें कहीं व्यवस्थापित कर देती फिर तोड़ती तो ठीक रहता उनके ऊपर जिस तरह की कार्यवाही बिना व्यवस्थापन किए हुए की गई इस तरह तो कोई अपने दुश्मन के साथ भी नहीं करता

भाजपा का आदिवासी विरोधी चेहरा एक बार फिर उजागर
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष वर्मा ने इस मामले में कहा कि इस घटना से भाजपा का आदिवासी विरोधी चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ है बिना किसी व्यवस्थाओं के चिलचिलाती धूप लू के एलर्ट के बीच लगभग चालीस आदिवासी परिवारों को उनके झोपड़े तोड़कर उन्हें बेघर कर सड़क पर पहुंचा दिया जो अति निंदनीय ओर सरकार का अमानवीय कृत्य है

जौरा कांग्रेस मंडल अध्यक्ष लेनो गायकवाड़ ने कहा कि भाजपा आदिवासी हितैषी होने का सिर्फ दिखावा करती है वास्तविकता क्या है यह इन आदिवासी परिवारों के साथ हुए अन्याय से ही समझा जा सकता है भाजपा आदिवासी को एक तरफ मुख्यमंत्री बनाती है आदिवासी राजा के गढ़ का कुंवरगढ़ महोत्सव मनाती है तो दूसरी ओर अनादिकाल से रहने वाले आदिवासियों को बिना व्यवस्थापन किए लू ओर तेज धूप के बीच उन्हें उनके घर तोड़कर सड़को पर ला रही है