रिपोर्ट:धीरज जॉनसन,दमोह
मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन का वर्ष 2023 का प्रतिष्ठित “भवभूति अलंकरण” वरिष्ठ साहित्यकार सत्यमोहन वर्मा को दिया जाएगा। भोपाल में इसकी आधिकारिक घोषणा हुई, निर्णायक मण्डल में सुप्रसिद्ध साहित्यकार राजेश जोशी, उर्मिला शिरीष एवं डॉ निरंजन श्रोत्रीय शामिल थे। सत्यमोहन वर्मा की काव्य यात्रा पिछले सात दशक से जारी है| कविता, नवगीत, ग़ज़ल के साथ साहित्य की लगभग हर विधा में उनका अनुपम योगदान है । ज्ञातव्य है कि 1910 में पं मदनमोहन मालवीय और राजर्षि पुरुषोत्तम दस टंडन ने हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्थापना की थी और नये मप्र के गठन के बाद 1958 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू इसमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुये थे एवं राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर आदि ने इसको संबोधित किया था। पूर्व में भवभूति अलंकरण हरिशंकर परसाई, शिवमंगल सिंह सुमन, मालती जोशी, मन्नु भंडारी, भागवत रावत, नरेश सक्सेना आदि अनेक ख्यातलब्ध साहित्यकारों को दिया गया है ।