Let’s travel together.

दिव्य चिंतन::जब सामूहिक हत्याकांड के आरोपी स्वीकार्य हैं, तो सवाल उठाने वाले का बलिदान अस्वीकार्य क्यों ? -हरीश मिश्र 

0 12

आलेख

हरीश मिश्र

जिस बिहार ने मसखरे को नायक बनाया, जिस बिहार ने पति के स्थान पर पत्नी को सत्ता का वारिस स्वीकार किया, जिस बिहार ने विरासत की राजनीति के कारण अस्वस्थ स्वास्थ्य मंत्री तक को स्वीकार कर लिया, जिस बिहार ने सामूहिक हत्याकांड के आरोपों से घिरे व्यक्ति को सम्राट के रूप में स्वीकार कर लिया।

उसी बिहार में यदि कोई युवा सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं की बात करता है, तो कुछ कलमकारों की लेखनी में अचानक नैतिकता का ज्वार उमड़ पड़ता है।

आश्चर्य होता है कि जिन लोगों को सामूहिक हत्याकांड के आरोपियों का नेतृत्व स्वीकार करने में कभी संकोच नहीं हुआ, वे आज भरत तिवारी के बलिदान और उसके पीछे खड़े जनभावों से असहज दिखाई देते हैं।

लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णायक होती है। यदि जनता किसी बलिदानी की चिता में अपना दर्द, अपनी उपेक्षा और अपने संघर्ष का प्रतिबिंब देख रही है, तो उसका कद कुछ अखबार के स्तंभकार या किसी कलम की स्याही से नहीं, बल्कि जनसमर्थन से तय होगा।

भरत तिवारी का महिमामंडन नहीं हो रहा है…दरअसल उन प्रश्नों को स्वर दिया जा रहा है जिन्हें वर्षों से अनसुना किया गया। यदि जनहित की बात करना, सत्ता से सवाल पूछना और जनता के साथ खड़ा होना अपराध है, तो ऐसा अपराध तो लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने भी किया था।

कलम का धर्म बलिदान को छोटा-बड़ा करना नहीं, बल्कि सत्ता को आईना दिखाना है। यदि कुछ कलमकार सत्ता से प्रश्न पूछने के बजाय प्रश्न पूछने वालों को कठघरे में खड़ा करने लगे, तो वह अपना मूल दायित्व ही भूल जाती है।

सवाल आज भी वही है…

जब आरोपी स्वीकार्य हैं, तो सवाल पूछने वाला बलिदानी अस्वीकार क्यों ?

 

लेखक  स्वतंत्र पत्रकार हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

करो योग, रहो निरोग: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर  राज्यपाल एवं विधायकों की उपस्थिति में गरिमामय योग अभ्यास कार्यक्रम संपन्न     |     मानस भवन में प्राकृतिक खेती पर मंथन, 2.96 लाख किसानों के खाते में ट्रांसफर हुई 23वीं किस्त     |     राशन चाहिए तो कराना होगा ई-केवाईसी, बिना सत्यापन बंद हो सकता है अनाज वितरण     |     आज  21 जून को दीवानगंज कर्क रेखा पर दिखेगा अनोखा नजारा, दोपहर 12 बजे गायब होगी परछाई, सैलानियों की उमड़ेगी भीड़     |     दीवानगंज स्टेशन पर दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आई महिला की मौत, 3 घंटे तक पटरी पर पड़ा रहा शव     |     दिव्य चिंतन::जब सामूहिक हत्याकांड के आरोपी स्वीकार्य हैं, तो सवाल उठाने वाले का बलिदान अस्वीकार्य क्यों ? -हरीश मिश्र      |     चढ़ावा चोरी: आस्था को बचाने ‘डिजीटल अर्पणम्’ अपनाएं !- अजय बोकिल      |     सजग पत्रकार राजकुमार केसवानी जी पर लिखे मोनोग्राफ का विमोचन     |     पशुपति नाथ मंदिर में धूमधाम से मनाया गया स्थापना दिवस, श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ     |     उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विंध्य के सपूत स्व. यमुना प्रसाद शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811