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ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए का आतंक, लगातार जानवरों का कर रहा शिकार

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कछार गांव में तेंदुए ने किया बछड़े बकरी का शिकार, ग्रामीणों में दहशत

अभिषेक असाटी बक्सवाहा

विकासखंड के अंतर्गत आने वाले गांवो मैं तेंदुए का काफी आतंक देखा जा रहा है तेंदूए द्वारा लगातार पालतू पशुओं का शिकार किया जा रहा है तेंदुआ लोगों की घरों में घुसकर जानवरों के साथ-साथ लोगों को भी छती पहुंचा रहा है जानकारी के अनुसार कछार में आसपास तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुए है गुरुवार शुक्रवार की दरमियानी रात को तेंदुए ने एक ग्रामीण के घर बंधे गाय के दो बछड़ों सहित एक बकरी के बच्चे पर हमला कर दिया जिससे गाय के दोनो बछड़ों सहित बकरी के बच्चे की मौत हो गई जानकारी देते हुए कछार गांव के निवासी देवेंद्र यादव ने बताया कि कछार गांव से सटा हुआ जंगल है जहां तेंदुओ का आना जाना लगा रहता है कछार निवासी परमलाल यादव ने बताया कि शाम को अपनी गाय के दो बछड़ों को घर के बाहर बेड़ा में बांधे हुए थे सुबह उठकर देखा तो दोनों बछड़ो को तेंदुए ने आधा खाकर वहीं छोड़ दिया जिससे दोनों बछड़ों की मौत हो गई गनीमत यह रही कि तेंदुआ घर में नहीं घुसा वही हमारे परिवार के सदस्य सो रहे थे इस घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त है बही कछार निवासी हल्ले भाई यादव ने बताया हमारे घर के बाहर बकरी के बच्चे को तेंदुआ ने शिकार किया है जिससे उसकी मौत हो गई है जिसकी सूचना बीट गार्ड को दी गई है

तेंदुआ के मिले पगमार्ग
गुरुवार शुक्रवार की दरमियानी रात में गाय के दो बछड़ों और एक बकरी के बच्चे पर हमला किया था जिससे उनकी मौत हो गई थी तेंदुआ द्वारा किए गए गाय के बछड़ों पर हमला करने के बाद गांव के लोग जब देखने को गए तो रास्ते मे तेंदूए के पग निशान देखने को मिले

तेंदुए की हलचल से दहशत में ग्रामीण
उल्लेखनीय है कि तेंदुआ पिछले लंबे समय से कछार और पाली के बीच अपना डेरा डाले हुए हैं और कई लोगों के पशुओं का शिकार भी कर चुके है उपरोक्त गांव से लगकर रास्तों में लगातार तेंदुआ नजर आ रहे है गांव के लोगों ने बताया कि तेंदुआ हमारे जानवरों का लगातार शिकार कर रहे हैं वन विभाग के कर्मचारी तेंदुए का रेस्क्यू नही कर रहे हैं ग्रामीण हमेशा दहशत में रहते हैं बीते दिनों कछार गांव के जंगल में एक तेंदुआ मृत अवस्था में पाया ग्रामीणों को दिखा था जहां ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी थी जिसके बाद वन विभाग के अमले ने तेदूंआ का पोस्टमार्टम कराया जहां वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदुए की बीमारी का हवाला दे दिया था।
उसी के कुछ दिन पहले तीन दिन तक तेंदुआ जाल में फंसा हुआ रहा था जब इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई तब जाकर उसका रेस्क्यू किया गया था।
यहां बता दें कि वन विभाग के सभी कर्मचारी एवं अधिकारी कभी किसी बीट पर नहीं रहते हैं और इसी कारण से जंगलों में कई प्रकार के जानवरों का शिकार भी हो रहा है।
इनका कहना है-
ये जांच का विषय है जांच के बाद विधिवत कार्रवाई की जाएगी

रामकुमार एसडीओ वन परिक्षेत्र

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