27 नवंबर को विश्व स्तर पर मनाया जाएगा बाल विवाह उन्मूलन दिवस
रायसेन। शिक्षक दिवस के अवसर पर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय पाटनदेव में शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य श्रीमती स्वाति चौहान ने की। इस दौरान “बाल विवाह की रोकथाम में शिक्षकों की अहम भूमिका” विषय पर परिचर्चा आयोजित हुई।
प्राचार्य श्रीमती स्वाति चौहान ने कहा कि शिक्षक बच्चों को शिक्षा देने के साथ सामाजिक बदलाव के भी महत्वपूर्ण वाहक हैं। बाल विवाह रोकने के लिए विद्यार्थियों, अभिभावकों और समुदाय को जागरूक करना तथा संभावित मामलों की सूचना प्रशासन तक पहुंचाना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

संस्था के संचालक डॉ. एच. बी. सेन ने जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन नेटवर्क के संस्थापक श्री भुवन रिभु के नेतृत्व में बाल विवाह मुक्त भारत और विश्व के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 4 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र में 27 नवंबर को बाल विवाह उन्मूलन दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव पारित हुआ, जो भारत के प्रयासों की वैश्विक उपलब्धि है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने 27 नवंबर 2024 को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया था।

परिचर्चा में शिक्षकों ने बाल विवाह की रोकथाम और बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने को लेकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार जिला समन्वयक अनिल भवरे ने किया। इस अवसर पर परामर्शदाता शिवनारायण सराठे और सामुदायिक कार्यकर्ता राजकुमार साहू उपस्थित रहे।