शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
बेगमगंज से विदिशा जाने वाला रास्ता पिछले 8 घंटे से बंद है। लेकिन कुछ लोग जान जोखिम में डालकर अब भी पानी के बीच से वाहन निकालने की कोशिश कर रहे हैं।बेगमगंज क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।पिछले कई दिनों से कभी तेज तो कभी मध्यम बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं और चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
सबसे बड़ी परेशानी बेगमगंज से हैदरगढ़ होते हुए विदिशा जाने वाले मार्ग पर बनी हुई है।माला फाटक के पास जलभराव के कारण यह मार्ग शनिवार सुबह से पूरी तरह बंद है। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।

हालात ऐसे हैं कि पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से इस रास्ते से नहीं निकलने की अपील की है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग जोखिम उठाकर अपने वाहन पानी के बीच से निकालने का प्रयास कर रहे हैं।बेगमगंज से माला फाटक होकर हैदरगढ़ और विदिशा को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग बंद होने से रायसेन और विदिशा जिले के करीब 40 गांव प्रभावित हुए हैं।
चंदोरिया, माला, सिलतिरा, गोपालपुर, सागोनी मुंजप्ता, पीलपहाड़ी, मढ़िया हसन खां, मानपुर, खैरपुर सहित कई गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित है। वहीं विदिशा जिले की सीमा से जुड़े गोढ़ीपुर, पचपेढ़ियां, परसौरा, मदनई, बूढ़ी बासौदा, दासीपुर, धामनोद, हैदरगढ़, मोहम्मदगढ़, नयागांव, कोलुआ और मनोरा समेत कई गांवों के लोग भी परेशान हैं।सिर्फ यही मार्ग नहीं बीना और सेमरी नदी से जुड़े गांवों में भी पुल-पुलियों और राफ्ट पर पानी आ जाने से दर्जनों गांवों का संपर्क बेगमगंज मुख्यालय से टूट गया है।
गंभीर रूप से बीमार मरीज हों या फिर जरूरी काम से बाहर जाने वाले लोग… लोगों को अब लंबा चक्कर लगाकर राहतगढ़ या रायसेन के रास्ते आवागमन करना पड़ रहा है।फिलहाल बेगमगंज को जोड़ने वाला सागर-भोपाल मार्ग ही प्रमुख रूप से चालू है। बाकी कई रास्तों पर जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित है।
बेगमगंज नगर में भी हालात चिंताजनक हैं। माला फाटक, मुकरबा, मंडी, ईश्वर नगर, चुरक्का, पाराशरी और दशहरे मैदान के पीछे की निचली बस्तियों सहित कई इलाकों में पानी भर गया है।

हालांकि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।लेकिन मौसम विभाग की ओर से अगले 48 घंटे में और बारिश की चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश के कारण बाजारों में सन्नाटा है, कारोबार प्रभावित है और लोगों के काम-धंधे ठप पड़े हैं।
सबसे बड़ा सवाल अब बेगमगंज-बेरखेड़ी मार्ग को लेकर भी उठ रहा है।यहां पिछले तीन साल से पुल निर्माणाधीन है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते इस पुल का निर्माण पूरा हो जाता तो बारिश के दौरान लोगों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
लोग जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक हर बारिश में यही परेशानी झेलनी पड़ेगी?लोग जोखिम लेकर पानी में प्रवेश न करें। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।फिलहाल बेगमगंज में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही… नदियां उफान पर हैं, रास्ते बंद हैं और गांवों का संपर्क टूटा हुआ है।
ऐसे में सबसे जरूरी है—पानी के तेज बहाव वाले रास्तों पर जाने से बचें और प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज न करें।