Let’s travel together.

शरद पूर्णिमा के पर्व पर बरसेगा अमृत, घरों में बनाई खीर

0 524

महिलाएं ने बनाए मावा के लड्डू, किए दान

सोलह कलाओं से पूर्ण भगवान श्रीकृष्ण ने की थी महारास लीला

-कर्ज मुक्ति के लिए विशेष है शरद पूर्णिमा

कमल याज्ञवल्क्य बरेली  रायसेन

शरद पूर्णिमा का महापर्व अंचल में श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाया जा रहा है। परम्परागत रूप से अधिकतर घरों में खीर बनाई और मंदिरों पूजा अर्चना भी जा रही है। महिलाओं ने व्रत रखकर पवित्र तुलसीजी के वृक्ष के पास भगवान की पूजा की गई। अंचल में बुधवार सुबह से ही शरद पूर्णिमा के धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए हैं, जो देर रात तक जारी रहेंगे। रात में खीर का भोग लगेगा। ऐसी मान्यता है कि छतों पर खुले आसमान के नीचे रात में खीर रखी जाती है तथा सुबह परिवार के सभी सदस्य उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। मान्यता भी है कि अश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। पुराणों और धार्मिक ग्रन्थों में वर्णन मिलता है कि शरद पूर्णिमा की रात सोलह कलाओं से पूर्ण परमात्मा श्रीकृष्ण ने महारास लीला की थी। मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा भी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत की वर्षा करता है। धार्मिक दृष्टि से तो शरद पूर्णिमा का महत्व है ही, आयुर्वेद में भी इस दिन को महत्वपूर्ण माना जाता है। एक अध्ययन के मुताबिक इस रात चांद्रमा की किरणों में ऐसे गुण मौजूद होते हैं जो शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं होने देते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने वाले लोगों की सभी मनोकामनाएं

पूरी हो जाती हैं। माना जाता है शरद पूर्णिमा को विधि विधान से मां लक्ष्मी पूजन करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है. कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा को कर्ज मुक्ति पूर्णिमा भी माना जाता है.

मावा के भाव आसमान पर, आस्था के आगे कुछ भी नहीं

बुधवार काे शरद पूर्णिमा पर्व पर काफी संख्या में महिलाएं वृत रखकर पूजा करती हैं और केवल निश्चित संख्या में मावा के लड्डू बनाकर दान करके खुद भी लड्डू ही ग्रहण करती हैं। मावा के इंतजाम काे लेकर आसपास के कई गांवाें के लाेग यहाँ हाेटलाें पर मावा तलाशते और खरीदते रहे।कई लोगों बताया कि मावा तो मिला पर देशी और अच्छा नहीं मिला । बुधवार को यहाँ मावा 300 रुपये किलो के आसपास मिलता रहा।खैर यहाँ मावा के भाव पर आस्था का भाव भारी रहा और खबर लिखे जाने तक वैदिक तथा पारंपरिक रूप से शरद पूर्णिमा महापर्व मनाया जा रहा है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.

कर्क रेखा से हलाली डैम तक उमड़ा सैलानियों का सैलाब, झरने और ब्लू वाटर ने मोहा मन     |     बारिश में दलदल बना सत्ती-केमखेड़ी मार्ग, छह गांवों के ग्रामीण बेहाल     |     सीहोर की नन्ही प्रतिभा ने रचा इतिहास: ढाई साल की वान्या सचदेव का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज     |     वायरल वीडियो ::ना आपकी गारंटी, ना मेरी. सीहोर में मंच से मंत्री करण सिंह वर्मा ने कलेक्टर से की मजेदार चुटकी, वीडियो वायरल     |     कोयकतोड़ गौंडवाना महासभा का पांचवे  दिन भी धरना प्रदर्शन जारी, 17 सितंबर को बड़े आंदोलन की तैयारी     |     सर्वतोभद्र जिनालय निर्माण में 1008 महिलाएं देंगी दान     |     बेगमगंज में किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ी ट्रेक्टर रैली के साथ हजारों कांग्रेसियों ने किया जंगी आंदोलन     |     हरतालिका तीज पर गौर तो श्रीगणेश उत्सव पर हुई विशेष पूजा -अर्चना ओर स्थापना     |     पहले पेट्रोल डलवाया, फिर चाकू दिखाकर लूटे 10 हजार; भोपाल में पकड़े गए चार आरोपी     |     खाना पसंद नहीं आया तो चाकू से हमला, भोजनालय मालिक गंभीर     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811