मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन कुत्तों द्वारा बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार सुबह एक बार फिर कुत्तों के हमले की घटना सामने आई, जिसने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार दीवानगंज निवासी मनमोहन साहू सुबह टहलने के लिए बरजोरपुर रोड पर पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद 8 से 10 आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक उन पर हमला कर दिया। मनमोहन ने खुद को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन एक कुत्ते ने उनके पैर को पकड़ लिया और जांघ में दांत गड़ा दिए, जिससे वे घायल हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई ग्रामीण, बच्चे और राहगीर आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। सुबह और शाम के समय सड़कों पर कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों की परेशानी उस समय और बढ़ जाती है जब कुत्ते के काटने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दीवानगंज में रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं मिलता। मजबूरी में आसपास के ग्रामीणों को करीब 25 किलोमीटर दूर सांची जाकर रेबीज इंजेक्शन लगवाना पड़ रहा है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
एक दिन पहले ही एक चिकारा का मासूम शावक पानी की तलाश में भटकते हुए रहवासी इलाके में पहुंच गया, जहां आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए शावक की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सेमरा सरपंच भानु लोधी तत्काल मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही डिप्टी रेंजर सतीश श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वन विभाग ने चिकारा के शावक को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद शव को पशु चिकित्सालय ले जाकर परीक्षण कराया गया तथा नियमानुसार दाह संस्कार किया गया।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दीवानगंज में जल्द रेबीज इंजेक्शन की व्यवस्था की जाए और आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।