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मप्र में अब किया अवैध उत्खनन तो भरना होगा 15 गुना ज्यादा जुर्माना

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खनिजों के अवैध उत्खनन को लेकर सरकार ने बनाए नए नियम, गजट नोटिफिकेशन भी हुआ

अनुराग शर्मा

सीहोर। यदि अब कोई भी अवैध उत्खनन करते पकड़ाया तो रायल्टी का 15 गुना अधिक जुर्माना भरना पड़ेगा। इसके अलावा पर्यावरण क्षतिपूर्ति अलग से देनी पड़ेगी। अवैध उत्खनन को लेकर सरकार ने नए नियम बनाए हैं। इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन भी हो गया है।

सीहोर जिले में रेत, गिट्टी, मिट्टी सहित खोपरे का उत्खनन किया जाता है। इसके लिए खनिज विभाग द्वारा अनुमतियां दी जाती हैं, लेकिन जिले में बड़ी मात्रा में अवैध उत्खनन का कारोबार भी चलता है। कई अवैध उत्खनन कारोबारी वर्षों से इस धंधे में सक्रिय हैं और चोरी-छिपे वे अवैध मिट्टी, गिट्टी, रेत सहित खोपरे का कारोबार संचालित कर रहे हैं, लेकिन अब ऐसे अवैध कारोबारियों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने नए नियम बना दिए हैं। इसके तहत यदि कोई भी अवैध उत्खननन करते या इनका परिवहन करते पकड़ाया तो उसकी खैर नहीं है।

देना होगा 15 गुना अधिक जुर्माना-

खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कार्रवाई के लिए 2022 नियम 5 अप्रैल से लागू किए गए हैं। इसके तहत यदि कोई भी व्यक्ति अवैध उत्खनन एवं उसका परिवहन करते पकड़ाया तो उसे रायल्टी का 15 गुना अधिक जुर्माना भरना होगा। इसके अलावा इनती ही राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति की भी वसूली जाएगी। यदि कोई अवैध उत्खनन कारोबारी यह राशि जमा नहीं करेगा तो उसके वाहन राजसात किए जाएंगे और इस राशि से जुर्माना वसूला जाएगा। इस संबंध में सरकार ने गजट नोटिफिकेशन भी कर दिया है।

इतना लगेगा जुर्माना-

डंपर एवं 6 पहिया वाहन पर एक लाख रुपए।

– 10 पहिया वाहन पर 2 लाख रुपए।

– दस पहिया एवं इससे अधिक पर 4 से 6 लाख रुपए।

– जेसीबी मशीन पर 2 लाख रुपए।

– पोकलेन मशीन पर 4 लाख रुपए।

– टैक्टर-ट्रॉली पर 25 हजार रुपए।

– अन्य प्रकार के वाहन एवं लोडर पर मूल्य का 10 प्रतिशत।

पिछले वर्ष सीहोर जिले में दर्ज हुए थे 293 मामले-

सीहोर जिले में वर्ष 2021-22 में अवैध उत्खनन के 293 मामले दर्ज किए गए थे। अवैध उत्खनन करने वालों से करीब डेढ़ करोड़ रुपए का जुर्माना भी वसूला गया था।

जमकर होता है अवैध उत्खनन-

सीहोर जिले में अवैध मिट्टी, गिट्टी सहित खोपरे का जमकर अवैध उत्खनन किया जाता है। सबसे ज्यादा उत्खनन बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कई हिस्सों में किया जाता है। हालांकि इस क्षेत्र में रेत की भी बड़ी खदानें हैं, लेकिन रेत के अवैध उत्खनन पर कंपनी द्वारा काफी अंकुश लगाया गया है, इसलिए रेत का अवैध उत्खनन बेहद कम हो गया है। इसके लिए जांच चौकियां भी बनाई गई है, ताकि बिना रायल्टी एवं अवैध रेत के डंपर नहीं निकलें।

इनका कहना है-

अवैध उत्खनन पर लगातार कार्रवाई की जाती है। अब अवैध उत्खनन करने वालों से रायल्टी का 15 गुना अधिक वसूला जाएगा। इसके लिए नए नियम बनाए गए हैं, ताकि अवैध उत्खनन पूरी तरह से बंद हो।

– राजेंद्र परमार, जिला खनिज अधिकारी, सीहोर

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