रायसेन।शासकीय कार्य में बाधा डालने एवं जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को दोषसिद्ध किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जिला रायसेन श्री हर्षराज दुबे द्वारा आरोपी मोहन पिता करनसिंह लोधी, उम्र 38 वर्ष, निवासी- वनखेड़ी, थाना कोतवाली जिला रायसेन को भा.द.सं. की धारा-353 के अंतर्गत निरोध में भोगी गयी सजा एवं 1000 रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
इस प्रकरण में राज्य की ओर से श्रीमती अखिलेश देवलिया, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी जिला रायसेन द्वारा पैरवी की गई।
जानकारी अनुसार सुशीला चौहान ने पुलिस थाना रायसेन ने उपस्थित होकर इस आशय की रिपोर्ट की कि 24 नवंबर.21 को करीब सवा दो बजे वह और उसकी स्टाफ की मेडम, सत्यम श्रीवास्तव स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे थे, तभी मोहन लोधी गंदी गंदी मां बहन की गालियां देते हुए आया और उनसे बोलने लगा कि बच्चों को पढ़ाना बंद करो और स्कूल बंद करो तो उन्होंने मोहन लोधी को गाली देने से मना किया तो वह नहीं माना और कहने लगा कि उसके घर उसने ही चोरी करवाई थी, उन लोगों ने उसके खिलाफ गवाही दी थी और वहां वह डंडा ले आया और जिस पुस्तक भाषा भारती से वह बच्चों को पढ़ा रही थी उसे लेकर मोहन लोधी ने फाड़ दिया और उसे बच्चों को पढ़ाने से रोककर शासकीय कार्य में बाधा डाली। मोहन लोधी बोला कि स्कूल खोला और बच्चों को पढ़ाया तो मास्टरनियों को जाने से खत्म कर देगा, फ्री में पचास हजार रूपये कमा रही हो। इतने में गांव की राधाबाई यादव और कलाबाई आदिवासी आ गयी तो मोहन लोधी वहां से भाग गया।
फरियादि की उक्त रिपोर्ट पर से चौकी नकतरा पुलिस थाना देवनगर द्वारा अपराध क्रमांक 239/21 अंतर्गत धारा 294,353,506 भाग दो भादसं. के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गयी एवं प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की संपूर्ण विवेचना एवं आवश्याक अनुसंधान उपरांत आरोपीगण के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
न्यूज़ सोर्स- श्रीमती शारदा शाक्य मीडिया प्रभारी जिला रायसेन मप्र