गर्मी में बरसात बनी राहत, मूंग किसानों के खिले चेहरे,वेयरहाउस के बाहर भीगा गेहूं, किसानों की बढ़ी चिंता
रूपेश मेहरा बरेली रायसेन
गर्मी के तेज़ मौसम के बीच हुई अचानक बारिश ने जहां आम लोगों को राहत दी, वहीं मूंग की खेती करने वाले किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं रही। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, क्योंकि इस समय हुई वर्षा से मूंग की फसल को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। खेतों में नमी बढ़ने से फसल की वृद्धि बेहतर होगी और उत्पादन में भी इजाफा हो सकता है।
हालांकि, इस बारिश का दूसरा पहलू भी सामने आया है। कई स्थानों पर वेयरहाउस के बाहर खुले में रखा गेहूं भीग गया, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पर्याप्त भंडारण व्यवस्था न होने के कारण किसानों को अपनी उपज खुले में रखने को मजबूर होना पड़ता है। बारिश के कारण गेहूं के खराब होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका है।
किसानों का कहना है कि जहां एक ओर मूंग की फसल को इस बारिश से जीवनदान मिला है, वहीं गेहूं की खराब होती स्थिति ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन से किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द उचित भंडारण की व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी मेहनत बर्बाद न हो।