देवरी रायसेन ।नर्मदा अंचल के संत नित्यानंद गिरी महाराज की सद प्रेरणा से चलने वाली, मानस यात्रा ,ग्राम बम्होरी (रोड़ा) पहुंची। जहां पर आयोजक अनुराग शर्मा पार्षद, एवं ग्रामीण जनों ने मानस प्रवक्ता विद्वानों का जोरदार स्वागत किया।
शनि देव मंदिर पर आयोजित सत्संग सभा में मानस के चल रहे , लंका कांड अंतर्गत, कुंभकरण युद्ध और उसकी परम गति प्रसंग, पर व्याख्या करते हुए अमरनाथ रामायणी ने कहा ,व्यक्ति के तामसी भोजन से शरीर में क्रोध भर जाता है जिससे विवेक और ज्ञान नष्ट होता है, सात्विक भोजन के साथ सज्जनो का संग करना चाहिए, मानस प्रवक्ता, नरेश शास्त्री ने बताया कि कुंभकरण क्रोध एवं अभिमान की प्रतिमूर्ति है, जिसे दयालु श्रीराम ने युद्ध में परास्त कर उसे भी परम गति दी, सभा को कैलाश दुबे, विशाल भैया, नर्मदा प्रसाद रामायणी एवं हरिदत्त संगीत आचार्य ,द्वारा बड़ी रोचक विभिन्न शैलियों में मानस की व्याख्याएं प्रस्तुत की यात्रा, संयोजक चतुर नारायण अधिवक्ता, ने उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

मानस ग्रंथ की पवित्र मंगल आरती मे राघवेंद्र शर्मा, बृजेश शर्मा, भुवन शास्त्री, रामप्रकाश अरेले, राहुल मिश्रा, भगवत सिंह, लाल सिंह बिंडैया, महेश कुमार धनओलिया, निलेश वर्मा, तुलसीराम, देवेंद्र नोरिया, कल्याण प्रजापति, रामबाबू पवैया, शंकर मास्टर, जगदीश सरपंच, मयंक उदैनिया, सूरज नोरिया, हरि शंकर, नारायण सिंह, शुभम लोधी ,भगवान सिंह, मथुरा प्रसाद सेन, लक्ष्मण अहिरवार, सहित यात्रा प्रभारी प्रेमशंकर चंदेल, अमर सिंह लोधी आदि अनेक श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर प्रसाद ग्रहण किया!
न्यूज सोर्स-श्री चतुरनारायण रघुवंशी एडवोकेट उदयपुरा रायसेन