इंदौर। इंदौर में 22 मई को होने वाली ऑटो रिक्शा की हड़ताल को लेकर यूनियनों में दो फाड़ हो चुकी है। भगवा ऑटो रिक्शा चालक संघ ने हड़ताल का आह्वान किया है। वहीं, इंदौर ऑटो रिक्शा चालक महासंघ ने इस हड़ताल का विरोध करते हुए ऑटो संचालन शुरू रखने की बात कही है। हड़ताल शुरू होने से पहले ही दो भागों में बंट चुकी है।
दरअसल, भगवा ऑटो रिक्शा चालक संघ ने 22 मई को हड़ताल की घोषणा करते हुए करीब 30 हजार ऑटो रिक्शा के पहिए थमने की बात कही है। संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि शहर में ऑटो रिक्शा चालक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल करेंगे। भगवा ऑटो रिक्शा चालक संघ अवैध बाइक रिक्शा बंद करने, ई रिक्शा के रूट तय करने और ई-चालान माफ कराने जैसे मुद्दों को लेकर हड़ताल कर रहा है। त्रिपाठी का कहना है कि 22 मई को सभी ऑटो रिक्शा चालक सुबह 10 बजे चिमनबाग मैदान पर एकत्रित होंगे और हड़ताल की घोषणा की जाएगी।
मुद्दाविहीन हड़ताल को लेकर विरोध
22 मई को होने वाली ऑटो रिक्शा की हड़ताल की घोषणा का इंदौर ऑटो रिक्शा चालक महासंघ एवं कई संगठन विरोध कर रहे हैं। महासंघ संस्थापक राजेश बिड़कर, शहर अध्यक्ष निलेश सूर्यवंशी ने हड़ताल के बहिष्कार की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 20000 ऑटो रिक्शा चालक नियमित रूप से अपनी सेवाएं देते रहेंगे। बिड़कर का कहना है कि मुद्दाविहीन विषयों को आधार बनाकर ऑटो रिक्शा चालकों को गुमराह किया जा रहा है।
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