हर साल 25 अप्रैल को मलेरिया को नियंत्रित करने और इसके उन्मूलन के वैश्विक प्रयासों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। आपको बता दें कि मलेरिया परजीवियों के कारण होने वाली एक जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छरों के काटने से इंसानों में फैलती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार मलेरिया एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है, विशेषकर अफ्रीकी महाद्वीप में यह बीमारी एक प्रमुख समस्या है। साल 2019 में दुनियाभर में मलेरिया के अनुमानित 229 मिलियन मामले आए थे और 409000 लोग मलेरिया के काल मौत के मुंह में समा गए थे। इनमें से सबसे ज्यादा मौतें अफ्रीका महाद्वीप में हुई, जहां मरने वालों में 5 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या सबसे अधिक थी।
जानें क्या है इस साल की थीम
विश्व मलेरिया दिवस 2023 की थीम “जीरो मलेरिया स्टार्ट्स विद मी” है। जिसमें व्यक्ति और समुदाय को मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में सहभागिता पर जोर दिया जा रहा है। दुनियाभर के विभिन्न संगठन और सरकार मलेरिया के बारे में जागरूकता बढ़ाने और बीमारी को खत्म करने के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए गतिविधियों का आयोजन करती हैं।
इस कारण से होती है मलेरिया बीमारी
मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक परजीवी के कारण होने वाली जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छरों के काटने से मनुष्यों में फैलती है। यह बीमारी दुनिया के कई उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में प्रचलित है। मलेरिया के लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के 7-14 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं।
मलेरिया के प्रमुख लक्षण
मलेरिया होने पर रोगियों में तेज बुखार, ठंड लगना और पसीना आना, सिर दर्द, उल्टी, शरीर में दर्द और जोड़ों का दर्द, थकान, रक्ताल्पता, गंभीर मामलों में पीलिया के लक्षण भी दिखाई देते हैं।
मलेरिया की रोकथाम के लिए उपाय
मलेरिया से बचने के लिए ऐसे स्थान पर ज्यादा नहीं रहना चाहिए, जहां मच्छर अधिक होते हैं। इसके अलावा सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। त्वचा को ढकने के लिए लंबी बाजू की शर्ट और पैंट पहनना चाहिए। घर के आसपास पानी भी नहीं इकट्ठा होने देना चाहिए क्योंकि गंदे पानी में ही मादा एनाफिलीज मच्छर पनपता है।
डिस्क्लेमर
स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.