मंदसौर। अभिनंदन नगर क्षेत्र की एक 22 वर्षीय युवती के बायपास स्थित शिवना पुल से कालाभाटा बांध के बेकवाटर में गिरने की खबर पर लगभग दो दिन तक गोताखोर उसे पानी में तलाशते रहे। पर वह डूबने की झूठी खबर फैलाकर अपने प्रेमी के संगे पहले अजमेर व फिर चित्तौड़ पहुंच गई। जब पुलिस का दबाव बढ़ा तो दोनों सोमवार सुबह घर लौट आए। फिलहाल युवक-युवती दोनों ही अपने-अपने घर चले गए हैं और अब पुलिस झूठी खबर फैलाने के मामले में कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं।
पिता को मोबाइल पर दी सूचना, आपकी बेटी नदी में कूद गई
कोतवाली टीआइ अमित सोनी ने बताया कि युवती शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे अपने घर से निकली थी। शाम करीब 5:30 बजे किसी ने युवती के पिता को मोबाइल पर सूचना दी कि आपकी बेटी कालाभाटा बांध के पास बायपास स्थित शिवना पुल पर स्कूटी खड़ी कर पानी में कूद गई है। इसके बाद पिता और स्वजन घबराते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। वहां स्कूटी व युवती की चप्पलें भी मिली। सीएसपी सतनामसिंह, नई आबादी थाना प्रभारी संदीप मंगोलिया सहित एसडीआरएफ व नपा की टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी में युवती को तलाशने का काम शुरू कराया। कड़कड़ाती ठंड में गोताखोर रात 10:30 बजे तक कालाभाट बांध के बैकवाटर में नेहा को खोजते रहे। इसके बाद सर्च आपरेशन रोक दिया गया। रविवार सुबह से फिर टीम पानी में युवती को खोजने उतरी। पर कहीं भी अता-पता नहीं मिला। इस चक्कर में पुलिस अधिकारी और गोताखोर दोनों परेशान होते रहे।
फोन करने वाले का पता किया तो खुला सारा राज
इसी बीच पुलिस अधिकारियों ने नेहा के पिता से फोन करने वाले युवक के नंबर लिए और उसकी जांच-पड़ताल शुरू की तो वह सिम 21 वर्षीय आर्यन खां मेवाती निवासी संजीत रोड के नाम से मिली। यह नंबर बंद आ रहा था और पुलिस आर्यन को खोजने गई तो वह भी घर से गायब था। इसके बाद पुलिस को शक हो गया कि दोनों गायब हैं। कार्रवाई शुरू की तो पता चला की आर्यन और युवती अजमेर में थे और रविवार को चित्तौड़ आ गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों को चित्तौड़ से दस्तयाब कर लिया। सोमवार सुबह दोनों को मंदसौर ले आया गया। जहां से युवती अपने माता-पिता के घर चली गई।
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