पर्यटन की दृष्टि से महत्व रखने वाला 2467 फीट की ऊंचाई पर स्थित सदभावना शिखर देखरेख और पहुंच मार्ग के अभाव में हो रहा उपेक्षा का शिकार
जिले की सबसे ऊंची चोटी पर पूर्व मंत्री स्व रत्नेश सॉलोमन ने बनवाया था वॉच टॉवर
दमोह से धीरज जॉनसन
दमोह:विंध्य पर्वत श्रंखला और जिले की सर्वाधिक ऊंची चोटी जहां आंखों से जितनी दूर देख सकें वहां तक देख सकते है और अन्य जिलों के कुछ हिस्से भी दिखाई दे जाते है जहां पर्यटन की दृष्टि से बढ़ावा देने पूर्व मंत्री स्व.रत्नेश सोलोमन ने सन 2000 के पहले एक पहुंच मार्ग व शिखर के शीर्ष पर एक वॉच टॉवर भी बनवाया था जिसका नाम सद्भावना शिखर है, इसकी समुद्र तल से ऊंचाई करीब 2467 फीट (752 मी.) है जो अब जीर्ण शीर्ण हो चला है यहां लगी लोहे की जालियां,गेट गायब हो चुके है टावर की दीवारों पर लगी सीमेंट गिरती जा रही है समय के साथ साथ देखरेख न होने से लोग इस खूबसूरत जगह को भी भूलते जा रहे है क्योंकि अब यहां तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं बचा है।

जंगली जानवरों से भरे जंगल में से होकर और पहाड़ पर रास्ता खोजते हुए ही यहां जा सके है इसके बाद प्रकृति के खूबसूरत नजारों का आनंद लिया जा सकता है परंतु यह सभी के लिए तब ही संभव होगा जब रास्ता बन जाए और वॉच टॉवर को दुरस्त कर दिया जाए जो पर्यटन की दृष्टि से सबसे बेहतरीन स्थान हो सकता है।

घने जंगल,उबड़ खाबड़,पथरीले रास्ते और जोखिम उठा कर यहां पहुंचने के बाद अरविंद यादव और राहुल का कहना था कि अभी रास्ता जोखिम भरा और भटकने वाला है क्योंकि घने जंगल है और जंगली जानवरों का भय भी व्याप्त रहता है व जहरीले जीव जंतु भी है। शिखर की दुर्दशा देखकर दुख होता है जिसे पूर्व मंत्री स्व रत्नेश सोलोमन ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनवाया था यहां से आस पास के जिले के कुछ अंश दिखाई देते है जहां तक नजर जाए वहां तक देख सकते हैं जो बहुत खूबसूरत लगता है।अगर रास्ता बन जाए तो काफी मात्रा में पर्यटक आ सकते है।

विदित है कि जिले का सिग्रामपुर क्षेत्र भी पर्यटन की दृष्टि से सुंदर माना जाता है जहां किले,झरने,प्राचीन कलाकृति,भग्नावशेष, तालाब और पहाड़ी इलाके है इसी क्षेत्र में जिले की सबसे ऊंची चोटी भी विद्यमान है जहां से प्रकृति के खूबसूरत नजारों को देखा जा सकता है परंतु यहां पहुंच मार्ग का अभाव होने के कारण पर्यटन को बढ़ावा नही मिल पा रहा है।इसे देखकर प्रतीत होता है कि महत्वपूर्ण स्थान उपेक्षा का शिकार हो रहा है,जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

इस संबंध में जब पूर्व मंत्री स्व रत्नेश सोलोमन की पुत्री डॉ तान्या सोलोमन से जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि”दमोह के पर्यटन स्थलों में सिग्रामपुर इलाका बहुत खूबसूरत है जिसे टूरिज्म के दृष्टिकोण से बनाना और बढ़ाना चाहिए जो लोगों के लिए आर्थिक रूप से भी सहायक होगा और महत्व भी मिलेगा,देखरेख करने के लिए विधायक,सांसद है जिन्हे लोगों ने चुना है उनकी जवाबदारी बनती है कि प्राकृतिक सौंदर्य को बनाएं रखने और इसे बढ़ाने में योगदान दें।
न्यूज स्रोत:धीरज जॉनसन