दीपक कांकर
रायसेन/जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने रायसेन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में लंबे समय तक अस्थायी रूप से कार्यरत कर्मचारी रामचरण के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने बैंक की अपील खारिज करते हुए कर्मचारी की सेवाओं को नियमित करने के आदेश को बरकरार रखा।
जानकारी के अनुसार, रामचरण वर्ष 1989 से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में बैंक में कार्यरत थे। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने वर्षों तक लगातार सेवा देने के बावजूद नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं पाया। इससे पहले 24 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने उन्हें पूर्व लाभों सहित नियमित सेवा में लेने के निर्देश दिए थे, जिसके खिलाफ बैंक ने रिट अपील दायर की थी।
जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने बैंक की अपील निरस्त करते हुए पूर्व आदेश को बरकरार रखा। इस फैसले को लंबे समय से अस्थायी रूप से कार्यरत कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।