पांच जिलों में आरोपियों की तलाश
1800 लीटर अवैध शराब से भरा ट्रक जब्त, विशेष पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन ने घटनास्थल पहुंचकर जांच की
मुख्यमंत्री ने परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता और पत्नी को SI की नौकरी देने की घोषणा की
सी के पारे
खातेगांव/देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी की जान चली गई। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात यानी 1-2 नवंबर 2026 को इंदौर-बैतूल हाईवे पर अवैध शराब से भरे ट्रक को रोकने की कोशिश के दौरान ट्रक का पिछला पहिया टीआई दिलीप पुरी के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल टीआई को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
SP आदित्य मिश्रा ने गठित की SIT
घटना की गंभीरता को देखते हुए देवास पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस की पांच टीमें पहले से ही शराब तस्करी की सूचना पर कार्रवाई में लगी थीं। अब पुलिस पांच जिलों में आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। इसमें शराब कहां से लाई गई, कहां भेजी जा रही थी और परिवहन में किन लोगों की भूमिका थी, जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है।

ट्रक से 1800 लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद
पुलिस के अनुसार, जब्त आयशर ट्रक से लगभग 1800 लीटर अवैध शराब बरामद हुई है। शराब 208 पेटियों में रखी गई थी। ट्रक को जब्त कर संदलपुर थाने ले जाया गया है।
पुलिस अब शराब की आपूर्ति और तस्करी से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
विशेष पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन घटनास्थल पहुंचे और जांच की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शराब की खेप के स्रोत, उसके गंतव्य और परिवहन में शामिल लोगों की जानकारी जुटा ली है। आरोपियों और संदिग्धों को पकड़ने के लिए पांच जिलों में पुलिस टीमें सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री ने की एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा
टीआई दिलीप पुरी की मौत पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इसके साथ ही दिवंगत टीआई की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति के तहत सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर नौकरी देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क पर पुलिस की नजर
इस घटना ने प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार और उसकी आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब जांच में इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं:
शराब की खेप कहां से रवाना हुई थी?इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं?शराब किस स्थान पर पहुंचाई जानी थी?परिवहन और आपूर्ति में किसकी क्या भूमिका थी?पुलिस की SIT इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
कानून की रक्षा करते हुए गई टीआई की जान
खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत ने पुलिस विभाग को झकझोर दिया है। ड्यूटी के दौरान हुई इस घटना के बाद अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है।
अब देखना होगा कि पुलिस की SIT जांच में शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क से जुड़े कितने चेहरे सामने आते हैं और इस घटना के जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।