भोपाल से सुनील सोन्हिया की रिपोर्ट
भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार, एंकर, मोटिवेशनल स्पीकर, आर्ट एंड फिल्म क्रिटिक एवं एजुकेटर राजेश कुमार गाबा ‘प्रिंस’ को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान एन आई टी दिल्ली में विशेष व्याख्यान एवं वर्कशॉप के लिए आमंत्रित किया गया। 11 से 14 सितंबर तक आयोजित विभिन्न सत्रों में उन्होंने बी टेक, एम टेक और पी एच डी कर रहे देश के प्रतिभाशाली युवाओं से “स्टार्ट अप हेतु मास कम्युनिकेशन की महत्ता” विषय पर संवाद किया।
पत्रकारिता जगत से किसी अनुभवी पत्रकार और कम्युनिकेशन प्रोफेशनल को देश के प्रमुख तकनीकी संस्थान में युवा टेक्नोलॉजिस्ट और इनोवेटर्स के लिए विशेष सत्र लेने के लिए आमंत्रित किया जाना मध्यप्रदेश मीडिया बिरादरी के लिए भी गौरव की बात है।

प्रिंस ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी स्टार्ट अप की सफलता के लिए केवल शानदार तकनीकी या आइडिया पर्याप्त नहीं है। उस आइडिया को सही लोगों तक सरल, स्पष्ट और प्रभावी कम्युनिकेशन के माध्यम से पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विद्यार्थियों के साथ चर्चा की कि स्टार्ट अप के दौरान क्या बोलना चाहिए, क्या नहीं बोलना चाहिए, किन टर्मिनोलॉजी का इस्तेमाल करना चाहिए और किन शब्दों से बचना चाहिए।
उन्होंने समझाया कि जटिल तकनीकी विचार को ऐसी सरल भाषा में कैसे प्रस्तुत किया जाए, जिसे इन्वेस्टर, कस्टमर ,और आम व्यक्ति आसानी से समझ सके।
उल्लेखनीय है कि राजेश गाबा ‘प्रिंस’ करीब दो दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता करियर में वे 2000 से अधिक प्रमुख हस्तियों के साक्षात्कार कर चुके हैं। इनमें फिल्म, संगीत, कला, राजनीति, खेल और विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां शामिल हैं।
प्रिंस दैनिक भास्कर से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी के रूप में अध्यापन भी करते हैं पत्रकारिता और शिक्षा के साथ प्रिंस सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े हैं। वे पिछले कई वर्षों से स्लम बस्तियों के बच्चों को निःशुल्क पढ़ा रहे हैं। उनका मानना है कि शिक्षा और सही मार्गदर्शन हर बच्चे का अधिकार है। इसी सोच के साथ वे जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई के साथ आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करते हैं।
उनके अनुसार एन आई टी दिल्ली का अनुभव उन्हें भारत की संस्कृति, युवाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर देने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।