सागर /भोपाल। जैन धर्मावलंबियों के लिए आध्यात्मिक साधना एवं धर्म आराधना का महत्वपूर्ण पर्व चातुर्मास 28 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है वर्षा ऋतु के चार माह तक जैन मुनिराज एवं आर्यिका संघ विभिन्न स्थानों पर विराजमान रहकर स्वाध्याय, प्रवचन, तप, त्याग और धर्म साधना के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म का मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। विद्याकुल शिरोमणि आचार्य श्री समय सागर महाराज का वर्षायोग चातुर्मास राजधानी भोपाल स्थित विद्योदय तीर्थ क्षेत्र में 20 साधुओं के साथ संपन्न हो रहा है।
सागर नगर में भाग्योदय तीर्थ पर निर्यापक मुनि श्री अभय सागर महाराज का वर्षायोग चातुर्मास 7 मुनिराजों के साथ प्रारंभ हुआ। मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया कि चातुर्मास के प्रथम दिन मुनिराज उपवास, भक्ति पाठ एवं संकल्पो के साथ वर्षायोग का शुभारंभ करेंगे। भाग्योदय तीर्थ में कलश स्थापना समारोह 9 अगस्त को दोपहर 1 बजे आयोजित किया जाएगा।
सागर नगर के गौराबाई जैन मंदिर, कटरा में आचार्य श्री विभव सागर महाराज ससंघ का चातुर्मास चल रहा है। वर्धमान कॉलोनी में मुनि श्री पदम सागर महाराज ससंघ तथा सुभाष नगर में मुनि श्री शाश्वत सागर महाराज एवं मुनि श्री नमी सागर महाराज का वर्षायोग चातुर्मास प्रारंभ हो रहा है।
सागर जिले के खुरई में मुनि श्री प्रबोध सागर महाराज, मुनि श्री शैल सागर महाराज एवं मुनि श्री अचल सागर महाराज का चातुर्मास आयोजित है। इसके अतिरिक्त गौरझामर में आर्यिका वैराग्यमति माताजी सहित चार आर्यिकाओं, बंडा में आर्यिका दुर्लभमति माताजी आठ आर्यिकाओं के साथ तथा दलपतपुर में आर्यिका सुशांतमति माताजी ससंघ का चातुर्मास संपन्न हो रहा है। शाहपुर में भी दो आर्यिका माताजी का चातुर्मास संभावित है।
चातुर्मास अवधि में विभिन्न स्थानों पर प्रतिदिन प्रवचन, स्वाध्याय, पूजन, तप एवं धार्मिक आयोजनों का क्रम चलेगा, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। जैन समाज ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से चातुर्मास के दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता कर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।