शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
जन्मजात बीमारियों से ग्रस्त बच्चों का घातक बीमारी से उनका शारिरिक विकास रुक जाता है।ऐसे बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके ) के अंतर्गत चिन्हित करके उनका विशेष उपचार कराकर ठीक कराकर नया जीवन दिया जा रहा है।
ऐसी ही एक घातक बीमारी जन्मजात पांव टेढ़े ( क्लबफुट) होने से भी बच्चे अपंगता का शिकार होकर जीवन भर विकलांगता का दंश झेलने को मजबूर होते है।
ऐसा ही एक मामला हाल ही में बेगमगंज में सामने आने पर जब बीएमओ डॉ. नितिन सिंह तोमर ने ग्राम महुआखेड़ा कला निवासी सुमित साहू के बच्चे का परीक्षण किया और उसको पूरी तरह ठीक करने का बीड़ा उठाया।
उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डॉ. बबलू साहू के माध्यम से क्लबफुट बीमारी से ग्रस्त बच्चे को ठीक कराने ठान ली और उन्होंने जन्मजात दोनों पांव टेढ़े होने वाले अपंग बालक 6 माह के मोहित साहू के पिता सुमित साहू एवं उसकी माँ पूजा साहू निवासी ग्राम महुआखेड़ा कला से संपर्क करके उन्हें बच्चे का इलाज कराने को राजी कर लिया और पीड़ित मोहित साहू को लेकर रायसेन पहुंचे।
रायसेन में डीईआईएम प्रियंका चौहान से संपर्क साधा जिन्होंने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कराकर उसकी थेरेपी कराकर पूरी तरह ठीक होने पर घर ले आए।
मासूम मोहित अब अपने पैरों पर स्वयं खड़ा हो रहा है। किसी प्रकार की समस्या नहीं रही। अपने बच्चे को पूरी तरह से ठीक देखकर परिजनों एवं रिश्तेदारों में हर्ष है जिन्होंने डॉ. राजू साहू सहित स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार का आभार व्यक्त किया है ।
बीएमओ डॉ. नितिन सिंह तोमर एवं आरबीएस के चिकित्सक डॉ. बबलू साहू ने बताया कि जन्मजात विकृतियों से ग्रस्त बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रति गुरुवार को जिला मुख्यालय रायसेन पर विशेष रूप से डीईआई मैनेजर प्रियंका चौहान द्वारा जन्मजात ऐसे विकृत बच्चों का इलाज किया जाता है। क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक बच्चे कटे तालु , क्लबफुट जैसी घातक बीमारियों से ठीक हो चुके है।यदि कहीं कोई ऐसा बच्चा दिखे या जानकारी में आए तो तत्काल उनसे संपर्क करने की उन्होंने अपील की है।