शहडोल सांसद ने वन मंत्री से की हाथियों को रेस्क्यू करने की अपील
मनोज कुमार द्विवेदी अनूपपु्र
अनूपपु्र ,शहडोल जिले के मानव आबादी वाले क्षेत्रों मे जंगली हाथियों के दखल और उससे होने वाले जान माल के नुकसान की खबरों को शहडोल सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने चिंता व्यक्त की है। हाथियों के हमले से चार लोगो की मौत एवं कुछ लोगों के घायल होने पर सांसद श्रीमती सिंह ने गहरा शोक प्रकट करते हुए वन मंत्री श्री दिलीप अहिरवार एवं सीसीएफ से चर्चा करके हाथियों का रेस्क्यू करने और प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा देने को कहा है।
छत्तीसगढ़ से लगे जंगली इलाके से होकर मध्यप्रदेश के सीमावर्ती अनूपपु्र और शहडोल जिलों मे पिछले चार माह से चार हाथियों का समूह निरंतर अलग – अलग क्षेत्रों मे भ्रमण कर रहा है। हाथियों के इस समूह मे एक नर हमलावर हाथी भी है।
हाथी के हमले से डेढ माह के अंदर अनूपपु्र जिले मे दो और अनूपपुर जिले की सीमाओं से लगे मरवाही और शहडोल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों मे एक – एक व्यक्ति की दुखद मौत हो गयी। एक व्यक्ति गंभीर रुप से घायल है।
हाथियों ने ना केवल घरों, फसलों को नुकसान पहुंचाया बल्कि आठ पशुओं को भी मार डाला।
ग्रामीण और जैतहरी जैसे नगरीय क्षेत्रों मे हाथियों की लंबे समय से चहलकदमी के कारण लोगों मे दहशत है। लोग डरे हुए हैं और इसके कारण तेंंदूपत्ता, महुआ, लकडी लेने जंगलों मे नहीं जा रहे और खेतों मे भी जाने से डर रहे हैं ।
हाथियों के लंबे समय से क्षेत्र मे धमाचौकडी मचाने के कारण जान माल के नुकसान और भय के कारण ग्रामीणों मे गुस्सा बढ रहा है।
सांसद हिमाद्री सिंह ने ग्रामीणों से मिली इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग के आला अधिकारियों और वन मंत्री से सीधे बात करके लोगों को हाथियों से हो रही समस्याओं से अवगत करवाया।
श्रीमती सिंह ने वन मंत्री दिलीप अहिरवार से चर्चा करके उन्हे शहडोल संसदीय क्षेत्र मे हाथियों के हमलों से लोगों को हो रहे नुकसान से अवगत करवाते हुए
अपील की कि अनूपपु्र और शहडोल जिले से वन्य हाथियों को रेस्क्यू करके अन्यत्र ले जाया जाए। इस हेतु अनुमति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।
सांसद ने हाथी के हमले से मृत हुए लोगों के परिजनों, घायलों को शीघ्र पूरा मुआवजा देने, फसल – घर – सम्पत्ति नुकसान का आंकलन करके उसकी क्षतिपूर्ति शीघ्र करने तथा हाथियों की आबादी मे आवाजाही रोकने के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
सांसद श्रीमती सिंह ने हाथियों की बढती समस्याओं को चिंताजनक बताते हुए इसके स्थायी व्यवस्था की मांग की गयी है