-19 जून से विवाह मुहूर्त प्रारंभ होंगे
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
17 मई से अधिकमास की शुरुआत के साथ विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया है। अगले 35 दिनों तक शहनाइयों की जगह जप, तप, भजन-पूजन और धार्मिक आयोजनों की गूंज सुनाई देगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार अधिकमास, गुरु तारा अस्त और चातुर्मास के कारण इस वर्ष नवंबर तक विवाह मुहूर्त बेहद सीमित रहेंगे। इस दौरान शहर में श्रीमद्भागवत कथा, दान-पुण्य और पूजा-पाठ जैसे धार्मिक कार्यक्रम बड़े स्तर पर आयोजित होंगे।
मान्यता है कि विवाह जैसे मांगलिक कार्यों में गुरु और शुक्र ग्रह की विशेष भूमिका होती है। शुक्र के अस्त होने पर शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसके बाद देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिससे चातुर्मास शुरू हो जाता है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य बड़े मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
35 दिन बाद शुरू होंगे विवाह मुहूर्त
जप, तप, पुण्य और पूजन के लिए खास अधिकमास की रविवार से शुरुआत होने के साथ ही विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई है। अगला विवाह मुहूर्त 35 दिन बाद 19 जून से शुरू होगा। इस वर्ष अधिकमास, गुरु तारा अस्त और चातुर्मास के कारण दिसंबर तक विवाह मुहूर्त बेहद सीमित रहेंगे। इस वर्ष अधिकमास का अतिरिक्त माह जुड़ने से 15 मई से 20 नवंबर तक धार्मिक आयोजन ही प्रमुख रहेंगे।
जून महीने में 19, 22, 27, 28, 29,जुलाई में 7, 8,नवंबर, 24, 25, 29,दिसंबर, 2, 3, 9 तारीख को ही विवाह संपन्न होंगे। चार महीनों में केवल केवल 13 मुहूर्त विवाह के रहेंगे।