-एक सप्ताह में दीवानगंज क्षेत्र में तीसरी बार पहाड़ पर लगी आग
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत दीवानगंज के पास स्थित ग्राम पंचायत जमुनिया के गांव कयामपुर गांव के पहाड़ पर लगी जंगल की आग ने मंगलवार से सुलगना शुरू किया था, जिसने बुधवार को विकराल रूप धारण कर लिया। आग धीरे-धीरे बढ़ते हुए गांव तक पहुंच गई, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
ग्रामीणों की सूचना पर रायसेन से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई मकान आग की चपेट में नहीं आया।
ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ पर आग एक दिन पहले से ही सुलग रही थी, लेकिन तेज हवा और सूखी झाड़ियों के कारण उसने अचानक भयंकर रूप ले लिया और रिहायशी इलाके के करीब पहुंच गई।
गौरतलब है कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही दीवानगंज क्षेत्र के आसपास पहाड़ों और जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। पिछले सप्ताह नरखेड़ा और कुलहड़िया के जंगल में आग लगी थी, वहीं इसके तीन दिन बाद अंबाडी और मुस्काबाद के पहाड़ों पर भी आग भड़क उठी थी। इन सभी घटनाओं में ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने मिलकर बमुश्किल आग पर काबू पाया था।
लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में चिंता बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
आसपास 40, गांवों के ग्रामीण कई वर्षों से दीवानगंज में स्थाई फायर ब्रिगेड की मांग करते चले आ रहे हैं लेकिन उनकी मांगों पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है ग्रामीणों ने बताया कि फायर ब्रिगेड को 25 किलोमीटर दूर सांची या 31 किलोमीटर दूर रायसेन से बुलाया जाता है तब तक आग की चपेट में आने से काफी हानि हो जाती है। हर साल कई किसानों की फ़सले वह जंगल जलकर राख हो जाते हैं