रायसेन।साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में बोधिवृक्ष के पुण्य परिसर में 2570वीं त्रिविध पावनी बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) उत्सव का गरिमामय आयोजन किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के बौद्ध अध्ययन विभाग एवं अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध अध्ययन प्राध्ययन केंद्र (स्कूल) के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ, जिसमें प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

वैशाख पूर्णिमा को त्रिविध पावनी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस एक ही पावन तिथि पर भगवान बुद्ध के जीवन की तीन महान घटनाएँ घटित हुईं, उनका जन्म लुम्बिनी में, सम्बोधि (ज्ञान प्राप्ति) बोधगया में, तथा महापरिनिर्वाण कुशीनगर में। यही कारण है कि यह दिन सम्पूर्ण विश्व के बौद्ध अनुयायियों के लिए सर्वाधिक पवित्र पर्व माना जाता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर रामनिवास गुप्ता द्वारा बोधिवृक्ष को जल, चीवर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। तदुपरांत, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों ने भी बोधिवृक्ष को जल एवं पुष्पांजलि समर्पित किया । इसके पश्चात बौद्ध अध्ययन विभाग में अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से बुद्ध वन्दना प्रस्तुत की गई, जिससे सम्पूर्ण वातावरण में दिव्यता व्याप्त हो गई। इस अवसर पर उपस्थित समस्त प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा विश्व कल्याण की भावना से कार्य करने का संकल्प लिया। भारतीय एवं विदेशी विद्यार्थियों की सहभागिता ने इस उत्सव की अन्तर्राष्ट्रीय गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया।