दिनारा के वीरसरोवर तालाब व गुप्तेश्वर महादेव मंदिर के संरक्षण से खुलेगा रोजगार का रास्ता, पूर्व पार्षद ने दूरदर्शन पर रखी मांग
– 16वीं सदी की बुंदेला कालीन धरोहर उपेक्षित, पुरातत्व-पर्यटन विभाग से मिलकर योजना बनाने की अपील
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी जिले की नगर पंचायत दिनारा के पूर्व पार्षद ने दूरदर्शन के कार्यक्रम ‘नमस्कार एमपी’ में पुरातत्व विभाग के रोजगार सृजन विषय पर जिले की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि संरक्षण से दिनारा में युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
पूर्व पार्षद ने बताया कि करैरा तहसील के दिनारा में 16वीं सदी में बुंदेला राजवंश के ओरछा नरेश राजा वीर सिंह जूदेव द्वारा अद्भुत कलाकारी के साथ श्री गुप्तेश्वर महादेव मंदिर और सुरई घाट तालाब का निर्माण कराया गया था। यहीं ऐतिहासिक वीरसरोवर तालाब भी स्थित है। इस तालाब से सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई होती थी और क्षेत्र में समृद्धि रहती थी।
प्राचीन काल से यहां प्रति वर्ष रक्षाबंधन पर श्री गुप्तेश्वर महादेव का मेला आयोजित होता है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। लेकिन रखरखाव के अभाव में आज यह तालाब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। वर्तमान में वीरसरोवर तालाब जल संसाधन विभाग के अधीन है।
पूर्व पार्षद ने सुझाव दिया कि पुरातत्व विभाग और पर्यटन विभाग संयुक्त योजना बनाकर इस धरोहर का संरक्षण व संवर्धन करें। मंदिर, सुरई घाट और वीरसरोवर तालाब को पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाए। इससे दिनारा को नई पहचान मिलेगी और यह जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकेगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड, होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और खानपान के क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। क्षेत्र का आर्थिक विकास भी होगा। दिनारा की ऐतिहासिक विरासत को बचाने के लिए दोनों विभागों को मिलकर तत्काल कदम उठाना चाहिए।