सुरेंद्र जैन धरसीवां रायपुर
क्या आप सोच सकते हैं कि एक मां जो ईंट भट्टा में महज 230 रुपए रोजनदारी की मजदूरी करती हो वह अपनी लाडली को पढ़ा सकती है और प्रदेश में टॉप करा सकती है शायद नहीं लेकिन सरकारी स्कूल के भरोसे एक ईट भट्ठा में काम करने वाली गरीब मां ने असंभव को संभव करके दिखाए अपनी लाडली कल्पना यादव के सपनो को साकार करने में उसकी मदद की ओर आज जब दसवीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित हुआ तो अपनी बच्ची कल्पना की कल्पना को पंख लगते देख पूरा परिवार खुशी से झूम उठा.तिल्दा ब्लॉक के तरपोंगी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाली दसवीं की छात्रा कल्पना यादव ने न सिर्फ अपने परिवार का अपितु सरकारी स्कूल का अपने गांव अपने क्षेत्र का नाम भी प्रदेश में गौरांवित किया।
MPTODAY NEWS से बातचीत में कल्पना ने कहा कि वह आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती है.सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अभियान को भी इस गरीब बेटी ने चार चांद लगा दिए.बच्ची कल्पना की मां इंद्र कुंवर यादव कहती हैं वह ईंट भट्टा में दो सौ तीस रुपए दैनिक मजदूरी में काम करती हैं बच्ची आईएएस बनना चाहती है तो ओर मेहनत मजदूरी करूंगी लेकिन बेटी का सपना साकार करूंगी।
वहीं संस्था के प्राचार्य प्राचार्य शिवरतन लाल धीरही कहते हैं सरकारी स्कूल में हमारे यहां सभी शिक्षक बच्चों को बहुत अच्छे से पढ़ाते हैं कल्पना पढ़ने में तेज थी इसलिए हमें विश्वास था कि वह नाम रोशन करेगी आज पूरी संस्था को उस पर गर्व है.बच्ची के आईएएस बनने के सपने ओर उनके परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए सगुनी निवासी पत्रकार ओर जनपद सदस्य देवेंद्र वर्मा ने कहा कि कल्पना की कल्पना को साकार करने में जब भी जैसी भी आवश्यकता होगी वह हर संभव आर्थिक मदद करेंगे लेकिन बच्ची के आईएएस बनने का सपना साकार करेंगे।