– किसानो ने वेयर हाउस के सामने डाला गेहूं,तो अधिकारी कारवाही के लिए हड़का रहे
किसानो का कहना खेत से सीधे वेयर हाउस स्वेच्छा से डाला गेहूं,ताकि दो बार परिवहन का खर्च बचे
खेतों में गेहूं रखना असुरक्षित,क्योंकि नरवाई में लगा रहे किसान आग
रायसेन। मप्र सरकारी गेहूं खरीदी कार्य लगभग एक महीने पिछड़ गया है। जिसके कारण किसान बेहद परेशान हैं। ओर खरीदी केंद्रों पर एक हफ्ते से पड़ी अपनी उपज की रखवाली करने को मजबूर है। ये तस्वीरें मप्र के रायसेन जिले से आई है। जहां बरेली तहसील के करीब दो दर्जन खरीदी केंद्रों के बाहर हजारो क्विंटल गेहूं के ढेर खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। किसान परेशान है मूंग की फसल की तैयारी करे या यहां खरीदी केंद्रों के बाहर पड़े गेहूं की रखवाली करे।

मप्र में 15 मार्च से होने वाली सरकारी गेहूं खरीदी अब 09अप्रैल से शुरू होने की घोषणा की सरकार ने की है। लेकिन जमीनी हकीकत जानने के लिए ग्राउंड जीरो पर जाकर किसानों की स्थिति का जायजा लिया।9 अप्रैल को अधिकाश सेंटर्स पर खरीदी शुरू नहीं हुई। कही बार दाना नहीं पहुंचा तो कही खरीदी अमला।

किसानों का कहना है कि सरकार ने पहले सरकारी गेहूं खरीदी की तारीख 15 मार्च फिर 1 अप्रैल ओर अब 10 अप्रैल कर दी । लेकिन खरीदी केंद्रों पर अब भी बारदाना नहीं पहुंच सका है। जिससे 10 अप्रैल से खरीदी शुरू हो पाएगी या नहीं यह अब भी संशय बना हुआ। गल्ला मंडी में गेहूं रेट सही नहीं मिल रहे इसलिए किसान सारे काम छोड़कर अपनी कटी फसल की रखवाली में व्यस्त है।

मप्र के बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी स्वीकार कर रहे हैं कि ईरान इजरायल और अमेरिका युद्ध असर के कारण समय पर बारदाना गेहूं खरीदी के काम में देरी हुई हैं। लेकिन उन्होंने बताया कि अब सरकार ने 9 अप्रैल से खरीदी शुरू करने का फैसला किया है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने जिले में खरीदी केंद्रों पर सारी व्यवस्था जुटाने का कार्य शुरु कर दिया है।