सत्यवन गोस्वामी सुल्तानगंज, रायसेन
रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र से एक बड़ी वाली खबर सामने आई है जहां साल 2015 में हुए नाबालिग अपहरण कांड में पुलिस ने 11 साल बाद चौंकाने वाला खुलासा किया है। सुल्तानगंज पुलिस ने न केवल नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद किया, बल्कि लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला 10 अक्टूबर 2015 का है, जब सुल्तानगंज थाना में एक फरियादी ने अपनी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी के अचानक लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल धारा 363 आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान सामने आया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाया गया है। पुलिस ने संदिग्ध आरोपी राकेश अहिरवार निवासी सागर की तलाश शुरू की, लेकिन वह लगातार फरार रहा। इस दौरान साजिश में शामिल उसकी मां को भी धारा 120 (बी) के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
वक्त बीतता गया लेकिन सुल्तानगंज पुलिस की फाइल बंद नहीं हुई। वर्षों तक लगातार प्रयास, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। 11 साल बाद सागर जिले से नाबालिग पीड़िता को सकुशल दस्तयाब किया गया और मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।11 साल पुराने इस जटिल मामले को सुलझाना आसान नहीं था… लेकिन सुल्तानगंज थाना प्रभारी श्यामराज सिंह राजपूत और उनकी टीम ने धैर्य, मेहनत और प्रोफेशनल जांच का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। यह सफलता न केवल पुलिस की कार्यशैली को दर्शाती है, बल्कि पीड़ित परिवार को वर्षों बाद मिला न्याय भी सुनिश्चित करती है।