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बी.एल.ओ नारायण सोनी 15 दिन से लापता, शिक्षक को ढूंढ़ने में पुलिस अब तक नाकाम

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विजी लवानिया गौहरगंज, रायसेन

​चुनावी कार्य के लिए निकले शिक्षक का दो सप्ताह बाद सुराग नहीं लगा है। सतलापुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जिले की कानून व्यवस्था और पुलिस की तत्परता पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। मंडीदीप के भव्य सिटी (वार्ड क्र. 26) निवासी और शासकीय शिक्षक नारायण सोनी पिछले 15 दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। सतलापुर पुलिस अब तक “जांच जारी है” के रटे-रटाये जवाब से आगे नहीं बढ़ पाई है |

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी और पुलिस में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट (क्रमांक 0092/2025) के अनुसार, 47 वर्षीय नारायण सोनी 15 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से निकले थे। वे शासकीय माध्यमिक शाला देहरी, नीमखेड़ा में पदस्थ हैं और वर्तमान में बी.एल.ओ. के रूप में मतदान केंद्र 137 पर सर्वे का कार्य भी कर रहे थे। ​उनकी पत्नी अर्चना सोनी ने बताया कि नारायण सोनी घर से बी. एल. ओ के कार्य का कहकर निकले थे, लेकिन न तो वे कार्यस्थल पहुँचे और न ही घर वापस आए। उनका मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा है।

दर-दर भटक रही पत्नी, पुलिस प्रशासन सुस्त

हैरानी की बात यह है कि, घटना के अगले ही दिन यानी 16 नवंबर को सतलापुर थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी गई थी। दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। ​हताश होकर पत्नी अर्चना सोनी ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) भोपाल और पुलिस अधीक्षक रायसेन को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। अपने आवेदन में उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि वे घर में अकेली हैं और मानसिक रूप से अत्यंत परेशान हैं। उन्हें आशंका है कि उनके पति का अपहरण किया गया है या उनके साथ कोई गंभीर अनहोनी घटी है।

CCTV और साइबर सेल की मदद क्यों नहीं

परिजनों का आरोप है कि आधुनिक तकनीक के दौर में भी पुलिस मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज खंगालने में ढिलाई बरत रही है। एक सरकारी कर्मचारी, जो निर्वाचन आयोग के कार्य (BLO) में संलग्न है, अगर इस तरह गायब हो जाए और प्रशासन 15 दिन तक उसे ढूंढ न पाए, तो आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।

संवेदनहीनता की हद:-

सतलापुर पुलिस की यह लापरवाही समझ से परे है । जब एक महिला अपने पति की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जता रही है, मोबाइल नंबर और हुलिया (पीली जरकिन, काला पैंट) जैसी जानकारी उपलब्ध है, तो पुलिस त्वरित कार्रवाई करने में क्यों विफल है? क्या पुलिस किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है? प्रशासन को चाहिए कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उच्च स्तरीय जांच शुरू करे।

इनका कहना:-
नारायण सोनी मोबाइल साथ लेकर नहीं गए है जिस वजह से उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है तथा सम्बंधित थाना प्रभारी को इस केस को गंभीरता से देखने और सफलता प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया है।
शीला सुराणा,अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) ओबेदुल्लागज

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